Jharkhand School Reopen News : 24 से शुरू होगी छठी से आठवीं तक की क्लास, SOP जारी, करना होगा ये काम

झारखंड में कक्षा 6 से 8 तक के सभी स्कूल की कक्षाएं 24 सितंबर से होगी शुरू.

झारखंड में कक्षा 6 से 8 तक के खुल रहे स्कूल को लेकर दिशा-निर्देश जारी हुआ है. पैरेंट्स की सहमति पर ही बच्चे स्कूल आयेंगे. वहीं, 24 सितंबर से कक्षा शुरू हो रही है. जबकि 6 से नीचे का क्लास पूर्व की भांति ऑनलाइन जारी रहेगी. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने सभी स्कूलों के लिए SOP जारी की है.

By BACI NEWS2020 Updated Date Mon, Sep 20, 2021, 9:44 PM IST झारखंड में कक्षा 6 से 8 तक के सभी स्कूल की कक्षाएं 24 सितंबर से होगी शुरू. फाइल फोटो.

Jharkhand School Reopen Latest News (रांची) : झारखंड में कोरोना संक्रमण की कमी को देखते हुए राज्य सरकार ने सभी सरकारी व प्राइवेट स्कूलों को खोलने की हरी झंडी दे दी है. इसके तहत आगामी 24 सितंबर से 6 से 8 क्लास तक के छात्रों के लिए सभी स्कूल खुल जायेंगे. विभाग ने स्कूलों के छात्रों को अभिभावकों की सहमति से ही स्कूल बुलाने का आदेश दिया है. इसके साथ ही सभी स्कूल ऑनलाइन माध्यम से भी अन्य सभी कक्षाओं का संचालन पूर्व की भांति करते रहेंगे. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने सभी स्कूलों को खोलने संबंधी गाइडलाइन जारी की है. बता दें कि गत 16 सितंबर को आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक में 6 से 8 क्लास के छात्रों के लिए स्कूल खोलने संबंधी निर्देश जारी किया गया था.

राज्य में कोरोना की स्थिति को देखते हुए सरकार ने स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह के तहत स्कूलों को बंद रखा गया था. हालांकि, इस दौरान ऑनलाइन पढ़ाई जारी था. इधर, कोराेना संक्रमण की रफ्तार कम होने के बाद राज्य सरकार ने स्कूल खोलने का निर्णय लिया. इसी के तहत आगामी 24 सितंबर से 6 से 8 क्लास तक के छात्रों के लिए राज्य के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल खुल जायेेंगे. बता दें कि कक्षा 9वीं से 12वीं तक के लिए गत 5 अगस्त, 2021 को ही स्कूल खोल दिया गया था .

पैरेंट्स की सहमति से बच्चे आयेंगे स्कूल

इधर, सोमवार को स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देश में बताया गया कि पैरेंट्स की सहमति से बच्चे स्कूल आयेंगे. इस दौरान कोरोना गाइडलाइन का पालन करना होगा. इसके साथ ही सभी स्कूल ऑनलाइन माध्यम से भी अन्य सभी कक्षाओं का संचालन पूर्व की भांति करते रहेंगे.

6 से 8 तक के लिए स्कूल खोलने संबंधी ये है गाइडलाइन

– राज्य के सभी स्कूल जहां कक्षा 6 से 8 तक की पढ़ाई होती है वहां कोरोना गाइडलाइन का हर हाल में पालन करना होगा
– सभी संबंधित शिक्षकों को स्कूल आने से पूर्व कोरोना वैक्सीन का एक डोज लेना अनिवार्य होगा
– स्कूल के अंदर सभी शिक्षक मास्क का हमेशा उपयोग करेंगे
– स्कूल का संचालन सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे यानी कुल 4 घंटे के लिए होगा
– सभी स्कूल में शत-प्रतिशत शिक्षकों की उपस्थिति हो
– स्कूल खोलने से पहले स्कूल परिसर, क्लास रूम, प्रयोगशाला, लाइब्रेरी समेत अन्य क्षेत्र जहां छात्रों का आना-जाना होगा, उसे सैनिटाइज करना होगा
– स्कूल के अंदर और बाहर साफ-सफाई पर ध्यान देना होगा
– सभी टीचिंग और टीचिंग स्टॉफ ऑनलाइन शिक्षण/टेली काउंसलिंग और संबंधित शैक्षणिक कार्यों के लिए स्कूल में उपस्थित रहेंगे

– कक्षा 6 से 8 के छात्रों के पास क्लास रूम में आने का विकल्प होगा. इसके लिए पैरेंट्स की लिखित सहमति अनिवार्य होगी
– टीचर और स्टूडेंट्स सोशल डिस्टैंसिंग का हर हाल में पालन करेंगे
– स्कूल में प्रार्थना सभा तथा किसी भी प्रकार का समूह या सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि का आयोजन नहीं होगा
– स्कूल के अंदर स्टूडेंट्स को टिफिन बॉक्स लाने की अनुमति नहीं होगी
– स्कूल में साबुन से हाथ धोने की व्यवस्था स्कूल प्रबंधन को करनी होगी
– सभाकक्ष, खेल व अन्य गतिविधि, जिसमें भीड़भाड़ होने की संभावना हो, पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा
– स्कूल परिसर में किसी भी आपात स्थिति में संपर्क करने के लिए टीचर/स्टूडेंट्स/कर्मचारियाें के लिए हेल्पलाइन नंबर और स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों का नंबर भी प्रदर्शित करना होगा
– स्टूडेंट्स को अपना मास्क किसी भी सूरत अन्य स्टूडेंट्स के साथ अदान-प्रदान करना नहीं होगा

झारखण्ड अनलाक – आपदा प्रबंधन की बैठक में लिए गये महत्वपूर्ण फैसले:

धार्मिक स्थलों को खोलने की मिली अनुमति
कक्षा 6 से 12 तक सभी विद्यालय खुलेंगे

रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई आपदा प्रबंधन की बैठक में अनलॉक को लेकर बड़ा एलान किया गया है. बैठक में निर्णय लिया गया कि राज्य के सभी धार्मिक स्थल आमजनों के लिए खोला जाएगा. बड़े धार्मिक स्थलों में एक घंटे में सौ लोग शामिल हो सकेंगे. छोटे धार्मिक स्थलों में मात्र 50 लोग शामिल हो सकेंगे. इसके साथ ही एक अन्य बड़ी घोषणा सरकार के द्वारा की गयी है. स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक की पढाई नहीं होगी. कक्षा 6 से ऊपर के छात्र ही स्कूल आ सकेंगे. उनकी पढाई ऑफलाइन मोड पर स्कूलों में होगी. राज्य के सभी कॉलेज अब पूर्व की भांति संचालित हो सकेगी. बार एवं रेस्टोरेंट अब रात के 11 बजे तक खुले रहेंगे. इस दौरान सभी को कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य है. मास्क का इस्तेमाल अनिवार्य है.

आपदा प्रबंधन की बैठक में लिए गये महत्वपूर्ण फैसले:

किन चीजों में मिली छुट

  1. दुर्गा पूजा का आयोजन होगा मगर मेला नहीं लगेगा
  2. पूजा पंडाल में प्रतिमा की उचाई 5 फीट होगी
  3. पंडाल में प्रसाद का वितरण नहीं होगा
  4. रविवार को भी खुले रहेंगे मार्केट
  5. पूजा के दौरान मंत्रोचाप पर बजाया जा सकेगा लाउडस्पीकर
  6. स्कूलों में कक्षा 5 तक की पढाई रहेगी बंद, ऑनलाइन होगी पढाई
  7. कोरोना प्रोटोकॉल के तहत संचालित होगी सारी कक्षाएं
  8. सुबह 8 बजे से 12 बजे तक ही चलेंगी कक्षाएं

किन चीजों पर रहेगी रोक:

  1. बिना मास्क सार्वजनिक स्थलों पर जाने की पाबंदी
  2. किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में कोरोना गाइडलाइन का पालन करना अनिवार्य
  3. मंदिर परिसर व पूजा पंडाल में 18 वर्ष के कम उम्र के बच्चों के प्रवेश पर रोक

धार्मिक स्थल के विशेष

  • सभी धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के प्रवेश की अनुमति प्रदान की गई.
  • धार्मिक स्थल पर संचालन से सभी संबंधित व्यक्ति जैसे पुजारी, पांडा, इमाम, पादरी इत्यादि का कम से कम एक टीका लेना अनिवार्य होगा.
  • जिलाधिकारी द्वारा चिन्हित धार्मिक स्थल जैसे देवघर स्थित बाबा धाम मंदिर इत्यादि में ई पास के माध्यम से अधिकतम 100 व्यक्ति एक घंटे में प्रवेश कर सकेंगे.
  • धार्मिक स्थल पर स्थान की 50% क्षमता में एकत्रित होने की अनुमति दी गई.
  • 18 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति के प्रवेश पर रोक रहेगी.
  • सामाजिक दूरी बनाना अनिवार्य होगा.
  • बिना मास्क के प्रवेश नहीं होगा.
  • लगातार मास्क लगाना होगा.

दुर्गा पूजा के लिए विशेष

  • दुर्गा पूजा पंडाल के निर्माण की अनुमति दी गई.
  • पंडाल में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक रहेगी.
  • पंडाल में एक समय में क्षमता का 50% या 25 से अधिक व्यक्ति ( जो कम हो) के एकत्रित होने पर रोक रहेगी.
  • मेला आयोजन प्रतिबंधित रहेगा.
  • मूर्ति की अधिकतम ऊंचाई 5 फीट होगी.
  • कोई तोरण या स्वागत द्वार नहीं बनेगा.
  • पंडाल किसी थीम पर आधारित नहीं होगा.
  • पंडाल तीन तरफ़ से घेरा जाएगा.
  • भोग वितरण नहीं किया जाएगा.
  • पूजा समिति द्वारा आमंत्रण पत्र नहीं वितरित किया जाएगा.
  • आवश्यक रोशनी को छोड़ कर आकर्षक रोशनी प्रतिबंधित होगी.
  • संस्कृतिक कार्यक्रम जैसे गरबा, डांडिया इत्यादि प्रतिबंधित रहेंगे.
  • 18 वर्ष से कम के व्यक्ति का प्रवेश अपेक्षित नहीं है.
  • खाने पीने की कोई दुकान या ठेला आसपास नहीं लगेगा.
  • विसर्जन जुलूस नहीं निकलेगा.
  • जिला प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थान पर विसर्जन किया जाएगा.
  • पंडाल में किसी भी समय कोई व्यक्ति बिना मास्क के नहीं होगा.
  • ढाक की अनुमति होगी.

स्कूल-कॉलेज के लिए विशेष

  • कॉलेज में स्नातक और स्नातकोत्तर शिक्षा के सभी वर्ष की ऑफलाइन कक्षा की अनुमति दी गई.
  • स्कूल में 6 से 8 तक ऑफलाइन कक्षा की अनुमति दी गई.
  • सभी खेल कूद की गतिविधियों की बगैर दर्शक के आयोजन की अनुमति दी गई.
  • बार और रेस्तरां को 11 बजे रात तक खोलने की अनुमति दी गई.

JHARKHAND-UNLOCK-DECISION-झारखंड में अनलॉक को लेकर हुआ फैसला, स्कूल में कक्षा 6 से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई होगी, दुर्गा पूजा, धार्मिक स्थलों को खोलने को लेकर भी फैसला, वीकेंड लॉकडाउन समेत कई अन्य को लेकर लिया गया फैसला, जानें पूरी खबर

By Team news2020 – सितम्बर 14, 2021

रांची : झारखंड में आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक मंगलवार को हुई. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में यह बैठक हुई, जिसमें स्वास्थ्य और आपदा मंत्री बन्ना गुप्ता भी शामिल हुए. बैठक में मुख्य सचिव सुखदेव सिंह समेत तमाम लोग मौजूद थे. कैबिनेट की बैठक के बाद आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक हुई, जिसमें स्कूलों को खोलने को मंजूरी दी गयी. इसके तहत क्लास 6 से लेकर अन्य सारे क्लास को खोलने को मंजूरी दी गयी. सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक क्लास संचालित करने को मंजूरी दी गयी. इसके अलावा वीकेंड लॉकडाउन को भी समाप्त कर दिया गया है. इसके अलावा रात दस बजे तक का जो प्रावधान है, उसको लागू किया गया है, लेकिन रात आठ बजे तक जिन दुकानों खोलने का समय निर्धारित किया गया था, उसको भी रात दस बजे तक खोलने की इजाजत दे दी गयी है. यह बड़ी राहत लोगों को दी गयी है. धार्मिक स्थलों को लेकर भी फैसला लिया गया है कि 50 फीसदी क्षमता के साथ धार्मिक संस्थान खोले जायेंगे. इसके अलावा सारे कॉलेज को भी खोल दिया जायेगा. इसको लेकर आदेश निर्गत किये जा रहे है. धार्मिक स्थलों में बड़े स्थानों में एक घंटे में सौ लोगों को इजाजत दी जायेगी जबकि छोटे धार्मिक स्थलों को 50 फीसदी क्षमता के साथ संचालित करने की इजाजत दी गयी है. 5 फीट की मूर्ति के साथ दुर्गा पूजा का आयोजन करने को मंजूरी दी गयी है. दुर्गा पूजा के दौरान मेला का आयोजन करने पर रोक ल गायी गयी है. होटल, बार और रेस्टोरेंट को रात 11 बजे तक खोलने की इजाजत दी गयी है. धार्मिक स्थलों में 50 फीसदी क्षमता के साथ ही संचालित होगी. दुर्गा पूजा के दौरान सिर्फ पूजा के वक्त ही लाउडस्पीकर संचालित किया जा सकेगा. अभी और भी डिटेल जानकारी आने का इंतजार किया जा रहा है.

33 करोड़ नहीं 33 कोटी देवी देवता हैँ हिंदू धर्म में

हिन्दू धर्म में ३३ कोटि (प्रकार) के देवता होते है

अधूरा ज्ञान खतरना होता है।

कोटि = प्रकार ।
देवभाषा संस्कृत में कोटि के दो अर्थ होते हैं ।
कोटि का मतलब प्रकार होता है और एक अर्थ करोड़ भी होता ।

हिंदू धर्म का दुष्प्रचार करने के लिए ये बात उड़ाई गयी की हिन्दूओं के 33 करोड़ देवी देवता हैं और अब तो मुर्ख हिन्दू खुद ही गाते फिरते हैं की हमारे 33 करोड़ देवी देवता हैं…

कुल 33 प्रकार के देवी देवता हैँ हिंदू धर्म में :-

12 प्रकार हैँ :-
आदित्य , धाता, मित, आर्यमा,
शक्रा, वरुण, अँशभाग, विवास्वान, पूष, सविता, तवास्था, और विष्णु…!
8 प्रकार हैं :-
वासु:, धरध्रुव, सोम, अह, अनिल, अनल, प्रत्युष और प्रभाष।
11 प्रकार हैं :-
रुद्र: ,हरबहुरुप, त्रयँबक,
अपराजिता, बृषाकापि, शँभू, कपार्दी,
रेवात, मृगव्याध, शर्वा, और कपाली।
एवँ
दो प्रकार हैँ अश्विनी और कुमार ।
कुल :- 12+8+11+2=33 कोटी
अगर कभी भगवान् के आगे हाथ जोड़ा है ।
तो इस जानकारी को अधिक से अधिक लोगो तक पहुचाएं ।
यह बहुत ही अच्छी जानकारी है इसे अधिक से अधिक लोगों में बाँटिये और इस कार्य के माध्यम से पुण्य के भागीदार बनिये ।

👉 एक हिंदू होने के नाते जानना आवश्यक है ।

🙏अब आपकी बारी है कि इस जानकारी को आगे बढ़ाए
📜अपने भारत की संस्कृति
को पहचानें।
ज्यादा से ज्यादा
लोगों तक पहुचायें।
खासकर अपने बच्चों को बताए
क्योंकि ये बात उन्हें कोई दुसरा व्यक्ति नहीं बताएगा…
📜😇 दो पक्ष-

कृष्ण पक्ष ,
शुक्ल पक्ष !
📜😇 तीन ऋण –

देव ऋण ,
पितृ ऋण ,
ऋषि ऋण !
📜😇 चार युग –

सतयुग ,
त्रेतायुग ,
द्वापरयुग ,
कलियुग !
📜😇 चार धाम –

द्वारिका ,
बद्रीनाथ ,
जगन्नाथ पुरी ,
रामेश्वरम धाम !
📜😇 चारपीठ –

शारदा पीठ ( द्वारिका )
ज्योतिष पीठ ( जोशीमठ बद्रिधाम )
गोवर्धन पीठ ( जगन्नाथपुरी ) ,
शृंगेरीपीठ !
📜😇 चार वेद-

ऋग्वेद ,
अथर्वेद ,
यजुर्वेद ,
सामवेद !
📜😇 चार आश्रम –

ब्रह्मचर्य ,
गृहस्थ ,
वानप्रस्थ ,
संन्यास !
📜😇 चार अंतःकरण –

मन ,
बुद्धि ,
चित्त ,
अहंकार !
📜😇 पञ्च गव्य –

गाय का घी ,
दूध ,
दही ,
गोमूत्र ,
गोबर !
📜😇 पञ्च देव –

गणेश ,
विष्णु ,
शिव ,
देवी ,
सूर्य !
📜😇 पंच तत्त्व –

पृथ्वी ,
जल ,
अग्नि ,
वायु ,
आकाश !
📜😇 छह दर्शन –

वैशेषिक ,
न्याय ,
सांख्य ,
योग ,
पूर्व मिसांसा ,
दक्षिण मिसांसा !
📜😇 सप्त ऋषि –

विश्वामित्र ,
जमदाग्नि ,
भरद्वाज ,
गौतम ,
अत्री ,
वशिष्ठ और कश्यप!
📜😇 सप्त पुरी –

अयोध्या पुरी ,
मथुरा पुरी ,
माया पुरी ( हरिद्वार ) ,
काशी ,
कांची
( शिन कांची – विष्णु कांची ) ,
अवंतिका और
द्वारिका पुरी !
📜😊 आठ योग –

यम ,
नियम ,
आसन ,
प्राणायाम ,
प्रत्याहार ,
धारणा ,
ध्यान एवं
समािध !
📜😇 आठ लक्ष्मी –

आग्घ ,
विद्या ,
सौभाग्य ,
अमृत ,
काम ,
सत्य ,
भोग ,एवं
योग लक्ष्मी !
📜😇 नव दुर्गा —

शैल पुत्री ,
ब्रह्मचारिणी ,
चंद्रघंटा ,
कुष्मांडा ,
स्कंदमाता ,
कात्यायिनी ,
कालरात्रि ,
महागौरी एवं
सिद्धिदात्री !
📜😇 दस दिशाएं –

पूर्व ,
पश्चिम ,
उत्तर ,
दक्षिण ,
ईशान ,
नैऋत्य ,
वायव्य ,
अग्नि
आकाश एवं
पाताल !
📜😇 मुख्य ११ अवतार –

मत्स्य ,
कच्छप ,
वराह ,
नरसिंह ,
वामन ,
परशुराम ,
श्री राम ,
कृष्ण ,
बलराम ,
बुद्ध ,
एवं कल्कि !
📜😇 बारह मास –

चैत्र ,
वैशाख ,
ज्येष्ठ ,
अषाढ ,
श्रावण ,
भाद्रपद ,
अश्विन ,
कार्तिक ,
मार्गशीर्ष ,
पौष ,
माघ ,
फागुन !
📜😇 बारह राशी –

मेष ,
वृषभ ,
मिथुन ,
कर्क ,
सिंह ,
कन्या ,
तुला ,
वृश्चिक ,
धनु ,
मकर ,
कुंभ ,
कन्या !
📜😇 बारह ज्योतिर्लिंग –

सोमनाथ ,
मल्लिकार्जुन ,
महाकाल ,
ओमकारेश्वर ,
बैजनाथ ,
रामेश्वरम ,
विश्वनाथ ,
त्र्यंबकेश्वर ,
केदारनाथ ,
घुष्नेश्वर ,
भीमाशंकर ,
नागेश्वर !
📜😇 पंद्रह तिथियाँ –

प्रतिपदा ,
द्वितीय ,
तृतीय ,
चतुर्थी ,
पंचमी ,
षष्ठी ,
सप्तमी ,
अष्टमी ,
नवमी ,
दशमी ,
एकादशी ,
द्वादशी ,
त्रयोदशी ,
चतुर्दशी ,
पूर्णिमा ,
अमावास्या !
📜😇 स्मृतियां –

मनु ,
विष्णु ,
अत्री ,
हारीत ,
याज्ञवल्क्य ,
उशना ,
अंगीरा ,
यम ,
आपस्तम्ब ,
सर्वत ,
कात्यायन ,
ब्रहस्पति ,
पराशर ,
व्यास ,
शांख्य ,
लिखित ,
दक्ष ,
शातातप ,
वशिष्ठ !


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BMV FOUNDATION ANNOUNCMENT ON TEACHERS DAY 5th September 2021

On the eve of teachers day (Teacher – “The greatest persons worldwide” ) we are extremely happy to announce the unique combination package of education for regular students, dropedout children , housewives , street children and information to all .This combination is starting from class 6th to 12th students and onwards visioned to creat a dynamic deciple and job giver instead of job seeker.

        1. MILITRY Training for all
        2. Regular education with Skill
            Development Education
        3. Vocational Education according
             to students choice
        4. Prematric Certificate Course &
            Post Matric Diploma Course
        5. Startup support after education

EDUCATION : THE BASIC BAR —
Please pay attention all teachers, parents and students, Now the present era Is adopting and implementing advanced technology at every level / field. Our hounarable PM also turning India towards digitalization at every stage .Resource is not a bar but most important educational factor is the basic bar to implement all.

Thus BMV Foundation takes an initiative among all govt. & private schools to implement the above five points to implement at their school. Here we are offering survey from all parents , students and social activists .

Thank you for participating in our survey event. We hope you had as much familier attending as we did organizing it.

We want to hear your feedback so we can keep improving our logistics and content. Please fill this quick survey and let us know your thoughts (your answers will be anonymous)

MILITRY TRAINING

Do You think that MILITRY TRAINING for all is essential factor of lifestyle ? It will be developed the discipline as well as physical strength in human life.

Skill Development Education

Do you allow Skill Development Education with regular education to eradicate the unemployment ?

Vocational Education

Are you interested in Vocational Education according to students choice to develop employbility ? Say which type of vocational courses preferred by you. 

Certification

Prematric Certificate Course & Post Matric Diploma Course

Startup support after education

Startup is the Primary Enterprenureship activity to develop and industrial resource development towards eradication of unemployment. Do you think it needs systematic support of legal and marketing mangment? 

सम्राट अशोक का सही इतिहास

बिहार स्थित नालंदा के जगदीशपुर गाँव में जिसे लोग रुक्मिणी – स्थान कहते थे, वह बौद्ध – स्थल है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के उत्खनन से यह स्पष्ट हुआ है।

पहली तसवीर गौतम बुद्ध की मूर्ति की है। दूसरी तसवीर गौतम बुद्ध की मूर्ति के नीचे बने एक दृश्य का है। भ्रम इसी दृश्य को लेकर हुआ। इस दृश्य में गौतम बुद्ध के जन्म के समय उनकी माता पर हुए मार आक्रमण का चित्रण है। लोगों ने भ्रमवश इस चित्रण को रुक्मिणी के अपहरण से जोड़ लिया।

बस क्या था? इसे रुक्मिणी देवी मानकर आज से 60 साल पहले लोगों ने मंदिर बना दिया और रुक्मिणी देवी की पूजा करने लगे। तीसरी तसवीर उसी मंदिर की है।

( साभार: दैनिक भास्कर 26 सितंबर, 2015 )

पुरातात्विक दृष्टिकोण से भारत में पहला अनुवाद कंधार शिलालेख के रूप में सम्राट अशोक ने बुद्ध के संदेशों को संप्रेषित करने के लिए कराया था…..

अनुवाद से यवन और कंबोज लोगों को बुद्ध के संदेशों को जानने में सुविधा हुई ….

कंधार का यह द्विभाषी शिलालेख ग्रीक भाषा में है, जिसका अनुवाद उसके बाजू में ही आरमेइक भाषा में है…..

इसे खोजने का श्रेय एक स्कूल के हैडमास्टर अब्दुल बे अशन को है….

इसी शिलालेख से हमें पता चलता है कि धम्म का सही अर्थ ” युसेबेइया ” है और ग्रीक में युसेबेइया का मतलब करुणा से है……

भारत में धम्म का मतलब जो रिलिजन समझा जाता है, वह सही नहीं है। यदि धम्म का मतलब धर्म होता तो सम्राट अशोक धम्म का ग्रीक अनुवाद थ्रिस्किया कराते…..

कभी-कभी अनुवाद बड़े काम की चीज होती है….

” सम्राट अशोक का सही इतिहास ” का गुजराती अनुवाद आ गया है। इसे भारतीय लोक कल्याण समिति, तापी ( गुजरात ) ने छापा है….

इसे अनूदित किया है डाॅ. अरविंद अरहंत ने…..

डाॅ. अरविंद अरहंत को बधाई एवं शुभकामनाएँ!

कांग्रेस और बीजेपी – एक दूसरे पर दोषारोपण – विकास की परिभाषा क्या ?

Librandu जनता को बेवकूफ़ बना रहे हैं कि मोदी ये बेच रहा है वो बेच रहा है लेकिन ज़रा गूगल करके देखें कि नरसिम्हा राव सरकार और मनमोहन सिंह की सरकार ने क्या क्या बेचा है, विवरण नीचे है जिसे चाटुकारों को जानना चाहिए
——————————————————————–कितना शानदार झूठ फैला दिया जाता है, कि कांग्रेस सरकारी बैंक बनाती है, और मोदी सरकार उसे बेच देती है, और काफी सारे नागरिक उस झूठ पर विश्वास भी कर लेते है!

आज जो निजी क्षेत्र के ३ सबसे बड़े बैंक है, यानी ICICI बैंक, HDFC बैंक, और AXIS बैंक – यह तीनों कभी सरकारी बैंक हुआ करती थी, लेकिन पी.वी नरसिम्हा राव सरकार में वित्त मंत्री रहे डॉ.मनमोहन सिंह ने इन्हें बेच दिया!

ICICI का पूरा नाम था इंडस्ट्रियल क्रेडिट एंड इन्वेस्टमेंट कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया! यह भारत सरकार की ऐसी संस्था थी, जो बड़े उद्योगों को ऋण देती थी!

एक झटके में वित्त मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने इसका डिसइनवेस्टमेंट करके, इसे प्राइवेट बना दिया, और इसका नाम और ICICI बैंक हो गया!

आज जो HDFC बैंक है, उसका पूरा नाम हाउसिंग डेवलपमेंट कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया था! यह भारत सरकार की एक ऐसी संस्था हुआ करती थी, जो मध्यम वर्ग के नागरिकों को सस्ते ब्याज पर होम लोन देने का काम करती थी!

नरसिम्हा राव सरकार में वित्त मंत्री रहे डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा, “सरकार का काम केवल गवर्नेंस करना है, होम लोन बेचना नहीं है!”

डॉ. मनमोहन सिंह इसे आवश्यक कदम बताते हैं, और कहते हैं, “सरकार का काम केवल सरकार चलाना है, बैंक चलाना, या लोन देना नहीं है!”

और एक झटके में वित्त मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने HDFC बैंक को बेच दिया! और यह निजी क्षेत्र का बैंक बन गया!

इसी तरह की बेहद दिलचस्प कहानी AXIS बैंक की है!

भारत सरकार की एक संस्था हुआ करती थी, उसका नाम था यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया! यह संस्था लघु बचत को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई थी! यानी आप इसमें छोटी-छोटी रकम जमा कर सकते थे!

नरसिम्हा राव सरकार में वित्त मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा, “सरकार का काम चिटफंड की स्कीम चलाना नहीं है!”

और एक झटके में इसे बेच दिया गया! पहले इसका नाम UTI बैंक हुआ, और बाद में इसका नाम AXIS बैंक हो गया!

इसी तरह आज IDBI बैंक है, जो एक प्राइवेट बैंक है! एक समय में यह भारत सरकार की संस्था हुआ करती थी, जिसका नाम था इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया! इसका भी काम उद्योगों को ऋण देना था! लेकिन डॉ. मनमोहन सिंह ने इसे भी बेच दिया! और आज यह निजी बैंक बन गया है!

अपनी याददाश्त को कमजोर न होने दें कभी!

डिसइनवेस्टमेंट पॉलिसी को भारत में कौन लाया था? जरा सर्च कर लो!

जब नरसिम्हा राव के समय में डॉ. मनमोहन सिंह वित्त मंत्री थे, तब डॉ. मनमोहन सिंह ने संसद में कहा था, “मैक्सिमम गवर्नमेंट, लेस गवर्नेंस!”

उन्होंने कहा था, कि “सरकार का काम व्यवसाय (धंधा) करना नहीं, सरकार का काम गवर्नेंस देना है! ऐसा वातावरण देना है, कि देश के नागरिक यह सब काम कर सकें!”

डॉ. मनमोहन सिंह ने ही सबसे पहले “टोल टैक्स पॉलिसी” लाई थी! यानी “निजी कंपनियों द्वारा सड़क बनाओ, और उन कंपनियों को टोल टैक्स वसूलने की अनुमति दो!”

डॉ. मनमोहन सिंह ने “सबसे पहले एयरपोर्ट के निजी करण” को आरंभ करवाया था, और सबसे पहला दिल्ली का “इंदिरा गांधी एयरपोर्ट” को जी.एम.आर ग्रुप को व्यवसायिक स्वरूप से चलाने के लिए दिया गया!

आज चम्पक उछल-उछल कर नाच-नाच कर, बेसुर राग गाता फिर रहा है, “मोदी ने अपने मित्रों में बेच दिया!”

डॉ. मनमोहन सिंह करें तो – विनिवेश!और मोदी करें तो – देश को बेचा!!

२००९-१० में डॉ. मनमोहन सिंह ने ५ सरकारी कंपनियां बेचीं!
१. HPC Ltd.;
२. OIL – ऑयल इंडिया लिमिटेड;
३. NTPC – नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन;
४. REC – ग्रामीण विद्युतीकरण निगम;
५. NMDC – राष्ट्रीय खनिज विकास निगम!

२०१०-११ में डॉ. मनमोहन सिंह ने ६ सरकारी कंपनियाँ और बेचीं!

१. SJVN – सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड;
२. EIL – इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड;
३. CIL – कोल इंडिया लिमिटेड;
४. PGCIL – पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया;
५. MOIL – मैंगनीज ऑर इंडिया लिमिटेड;
६. SCI – शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया!

२०११-१२ में डॉ. मनमोहन सिंह ने २ सरकारी कंपनियाँ और बेचीं!

१. PFC – पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन;
२. ONGC – तेल और प्राकृतिक गैस निगम!

२०१२-१३ में डॉ. मनमोहन सिंह ने बेचीं और ८ सरकारी कंपनियां!

१. SAIL – भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड;
२. NALCO – नेशनल एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड;
३. RCF – राष्ट्रीय रसायन और उर्वरक;
४. NTPC – नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन;
५. OIL – ऑयल इंडिया लिमिटेड;
६. NMDC – राष्ट्रीय खनिज विकास निगम;
७. HCL – हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड;
८. एनबीसीसी!

२०१३-१४ में डॉ. मनमोहन सिंह ने १२ और सरकारी कंपनियां बेचीं!

१. NHPC – नेशनल हाइड्रो-इलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन;
२. BHEL – भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड;
३. EIL – इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड;
४. NMDC – राष्ट्रीय खनिज विकास निगम;
५. CPSE – सीपीएसई-एक्सचेंज ट्रेडेड फंड;
६. PGCI – पावर ग्रिड कॉर्पोफ़ इंडिया लिमिटेड;
७. NFL – राष्ट्रीय उर्वरक लिमिटेड;
८. MMTC – धातु और खनिज व्यापार निगम;
९. HCL – हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड;
१०. ITDC – भारतीय पर्यटन विकास निगम;
११. STC – स्टेट ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन;
१२. NLC – नेयवेली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन लिमिटेड!

इन सभी का प्रमाण भी है…

१. वित्त मंत्रालय, केंद्र सरकार के द्वारा, “निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन” विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ – http://www.dipam.gov.इन

२. सबसे पहले Dis-Investment पर क्लिक करें! इसके बाद Past Dis-Investment पर क्लिक करें!

३. पोस्ट में दिए गए सभी जानकारियाँ (डेटा) वहां उपलब्ध हैं!

यह पोस्ट उन नागश्रिकों की आँखे खोलने के लिए किया है, जो सोचते हैं कि मोदी देश को बेच रहे हैं! मोदी देश को बेच रहे हैं, तो डॉ. मनमोहन सिंह पहले ही देश को बेच चुके हैं!

आपकी भाषा में डॉ. मनमोहन सिंह ने २००९-१४ में ५ वर्षों में २६ सरकारी कंपनियों को बेचा!

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कोरोना वायरस की तीसरी लहर शुरू, WHO प्रमुख बोले-दुर्भाग्य से हम शुरुआती चरण में, डेल्टा वेरिएंट है कारण

By अभिषेक पारीक | Published: July 15, 2021 09:55 PM

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रमुख टेड्रोस ग्रेब्रेयेसस ने डेल्टा वेरिएंट के बढ़ने के कारण दुनिया को कोविड-19 की तीसरी लहर के शुरुआती चरणों के बारे में चेतावनी दी है।

WHO chief said - unfortunately we are in the initial phase of the coronavirus third wave, delta variant is reason | कोरोना वायरस की तीसरी लहर शुरू, WHO प्रमुख बोले-दुर्भाग्य से हम शुरुआती चरण में, डेल्टा वेरिएंट है कारण
प्रतीकात्मक तस्वीर

NextnullHighlightsडब्ल्यूएचओ प्रमुख ने दुनिया को कोविड-19 की तीसरी लहर के शुरुआती चरणों के बारे में चेतावनी दी है। टेड्रोस ग्रेब्रेयेसस ने कहा कि दुर्भाग्य से हम अब तीसरी लहर के शुरुआती चरण में हैं।डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने कहा कि मामले और मौतें दोनों में ही बढोतरी हो रही है। 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रमुख ने साफ कर दिया है कि दुनिया में तीसरी लहर दस्तक दे चुकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टेड्रोस ग्रेब्रेयेसस ने डेल्टा वेरिएंट के बढ़ने के कारण दुनिया को कोविड-19 की तीसरी लहर के शुरुआती चरणों के बारे में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा, ‘दुर्भाग्य से हम अब तीसरी लहर के शुरुआती चरण में हैं।’

डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने कहा कि डेल्टा वेरिएंट के प्रसार और सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि के कारण मामलों की संख्या और मौतें दोनों में ही बढोतरी हो रही है। 

मन्त्र जाप लाभ

ॐ उं उमा-देवीभ्यां नमः”
‘Om um uma-devibhyaM namah’

इस मन्त्र से मस्तक-शूल (headache) तथा मज्जा-तन्तुओं (Nerve Fibres) की समस्त विकृतियाँ दूर होती है – ‘पागल-पन’(Insanity, Frenzy, Psychosis, Derangement, Dementia, Eccentricity)तथा ‘हिस्टीरिया’ (hysteria) पर भी इसका प्रभाव पड़ता है ।

“ॐ यं यम-घण्टाभ्यां नमः”
‘Om yaM yam-ghantabhyaM namah’
इस मन्त्र से ‘नासिका’ (Nose) के विकार दूर होते हैं ।

“ॐ शां शांखिनीभ्यां नमः”
‘Om shaM shankhinibhyaM namah”
इस मन्त्र से आँखों के विकार (Eyes disease) दूर होते हैं । सूर्योदय से पूर्व इस मन्त्र से अभिमन्त्रित रक्त-पुष्प से आँख झाड़ने से ‘फूला’ आदि विकार नष्ट होते हैं ।

“ॐ द्वां द्वार-वासिनीभ्यां नमः”
‘Om dwaM dwar-vasineebhyaM namah’
इस मन्त्र से समस्त ‘कर्ण-विकार’ (Ear disease) दूर होते हैं ।

“ॐ चिं चित्र-घण्टाभ्यां नमः”
‘Om chiM chitra-ghantabhyaM namah’

इस मन्त्र से ‘कण्ठमाला’ तथा कण्ठ-गत विकार दूर होते हैं ।

“ॐ सं सर्व-मंगलाभ्यां नमः”
‘Om saM sarva-mangalabhyaM namah’

इस मन्त्र से जिह्वा-विकार (tongue disorder) दूर होते हैं । तुतलाकर बोलने वालों (Lisper) या हकलाने वालों (stammering) के लिए यह मन्त्र बहुत लाभदायक है ।

“ॐ धं धनुर्धारिभ्यां नमः”
‘Om dhaM dhanurdharibhyaM namah’

इस मन्त्र से पीठ की रीढ़ (Spinal) के विकार (backache) दूर होते है । This is also useful for Tetanus.

“ॐ मं महा-देवीभ्यां नमः”
‘Om mM mahadevibhyaM namah’

इस मन्त्र से माताओं के स्तन विकार अच्छे होते हैं । कागज पर लिखकर बालक के गले में बाँधने से नजर, चिड़चिड़ापन आदि दोष-विकार दूर होते हैं ।

“ॐ शों शोक-विनाशिनीभ्यां नमः”
‘Om ShoM Shok-vinashineebhyaM namah’

इस मन्त्र से समस्त मानसिक व्याधियाँ नष्ट होती है । ‘मृत्यु-भय’ दूर होता है । पति-पत्नी का कलह-विग्रह रुकता है । इस मन्त्र को साध्य के नाम के साथ मंगलवार के दिन अनार की कलम से रक्त-चन्दन से भोज-पत्र पर लिखकर, शहद में डुबो कर रखे । मन्त्र के साथ जिसका नाम लिखा होगा, उसका क्रोध शान्त होगा ।

“ॐ लं ललिता-देवीभ्यां नमः”
‘Om laM lalita-devibhyaM namah’
इस मन्त्र से हृदय-विकार (Heart disease) दूर होते हैं ।

“ॐ शूं शूल-वारिणीभ्यां नमः”
‘Om shooM shool-vaarineebhyaM namah’

इस मन्त्र से ‘उदरस्थ व्याधियों’ (Abdominal) पर नियन्त्रण होता है । प्रसव-वेदना के समय भी मन्त्र को उपयोग में लिया जा सकता है ।

“ॐ कां काल-रात्रीभ्यां नमः”
‘Om kaaM kaal-raatribhyaM namah’

इस मन्त्र से आँतों (Intestine) के समस्त विकार दूर होते हैं । विशेषतः ‘अक्सर’, ‘आमांश’ आदि विकार पर यह लाभकारी है ।

“ॐ वं वज्र-हस्ताभ्यां नमः”
‘Om vaM vajra-hastabhyaM namah’

इस मन्त्र से समस्त ‘वायु-विकार’ दूर होते हैं । ‘ब्लड-प्रेशर’ के रोगी के रोगी इसका उपयोग करें ।

“ॐ कौं कौमारीभ्यां नमः”
‘Om kauM kaumareebhyaM namah’

इस मन्त्र से दन्त-विकार (Teeth disease) दूर होते हैं । बच्चों के दाँत निकलने के समय यह मन्त्र लाभकारी है ।

“ॐ गुं गुह्येश्वरी नमः”
‘Om guM guhyeshvari namah’

इस मन्त्र से गुप्त-विकार दूर होते हैं । शौच-शुद्धि से पूर्व, बवासीर के रोगी 108 बार इस मन्त्र का जप करें । सभी प्रकार के प्रमेह – विकार भी इस मन्त्र से अच्छे होते हैं ।

“ॐ पां पार्वतीभ्यां नमः”
‘Om paaM paarvatibhyaM namah’

इस मन्त्र से ‘रक्त-मज्जा-अस्थि-गत विकार’ दूर होते हैं । कुष्ठ-रोगी इस मन्त्र का प्रयोग करें ।

“ॐ मुं मुकुटेश्वरीभ्यां नमः”
‘Om muM mukuteshvareebhyaM namah’

इस मन्त्र से पित्त-विकार दूर होते हैं । अम्ल-पित्त के रोगी इस मन्त्र का उपयोग करें ।

“ॐ पं पद्मावतीभ्यां नमः”
‘Om paM padmavateebhyaM namah’
इस मन्त्र से कफज व्याधियों पर नियन्त्रण होता है ।

विधिः- उपर्युक्त मन्त्रों को सर्व-प्रथम किसी पर्व-काल में 1008 बार जप कर सिद्ध कर लेना चाहिये । फिर प्रतिदिन जब तक विकार रहे, 108 बार जप करें अथवा सुविधानुसार अधिक-से-अधिक जप करें । विकार दूर होने पर ‘कुमारी-पूजन, ब्राह्मण-भोजन आदि करें ।

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