Teacher Govt Jobs 2022 – (58600 Posts) 12th Pass, B.Ed/Graduate – Apply Onine Organization Central Govt Position  Primary Teacher,Trained Graduate Teachers ,Junior Special Education Teacher, Computer Teacher Qualification 12th Pass, B.Ed & Graduation Degree Age Limit 18 to 45 Years Total Posts 58600 Posts Salary Rs. 20,200/- to 48500/- Per Month Application Fee Nil Apply Mode Online

राष्ट्रवादी भावना

यूरोपियन देश यूक्रेन में बड़ी बड़ी शानदार बिल्डिंगें है.. चमचमाती हुई सड़कें और लंबी लग्जरी कारें हैं. सड़कों पर साइकिल तो क्या दोपहिया वाहन भी दिखाई नहीं देते. क्योंकि करीब सबके पास चौपहिया गाडियां जो है. अच्छे इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज भी है…

तभी तो मेडिकल शिक्षा के लिए भारत के हजारों छात्र यूक्रेन में पढ़ाई कर रहें हैं. यानि यूक्रेन में चारों तरफ संपन्नता है, अगर नहीं है तो सामरिक शक्ति ,मजबूत सेना , अत्याधुनिक हथियार और वहां की जनता में राष्ट्रवादी भावना.

यही कारण है कि मात्र दो घंटे में रुस ने यूक्रेन को घुटनों पर लाकर खड़ा कर दिया यूक्रेन के सेनिक भाग खड़े हुए हैं.

यूक्रेन के राष्ट्रपति आम लोगों से युद्ध लड़ने की अपील कर रहें हैं..

इसके लिए सारी पाबंदियां भी हटा दी गई है… यूक्रेन आम नागरिकों को युद्ध लड़ने के लिए हथियार देने की बात भी कह रहा है पर मजाल यूक्रेन का एक भी नागरिक युद्ध लड़ने को तैयार हुआ हो , क्योंकि यूक्रेन के नागरिकों में इजराइल के नागरिकों की तरह राष्ट्रवाद की भावना ही नहीं है.

वह तो ऐश-ओ-आराम की जिन्दगी जीने के आदी हो चुके हैं. यूक्रेन के स्कूल-कालेज, विश्वविद्यालय, बाजार, दुकान,आफिस सब बन्द कर दिये गये हैं. कारोबार चौपट हो गया है. कारखाने फैक्ट्री बंद हो गई. कोई रोजगार रोजगार चिल्लाने को तैय्यार नहीं. जान बची तो बहुत मिलेगी समझकर अपनी जान बचाने के लिए सिमित संख्या में मौजूद बंकरों में छुप रहें हैं. अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशनों में शरण ले रहें हैं। यानि सब कुछ होते हुए भी यूक्रेन आज जिंदगी की भीख मांग रहा है.

ये लेख भारत के उन लोगों को समर्पित है जो राष्ट्रवाद और राष्ट्रवादियों को गाहे बगाहे गालियां देते रहते हैं. तथा सिर्फ महंगाई, बेरोजगारी और आलू प्याज टमाटर तथा मुफ्त की योजनाओं को ही देश के विकास का पैमाना मान बैठे हैं. यह लेख उन नेताओं के मूर्खतापूर्ण बयान को भी आइना दिखाता है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अत्याधुनिक हथियारों के जखीरे इकट्ठा करने से देश का विकास नहीं होता. रुस यूक्रेन युद्ध से शाय़द उन नेताओं को भी थोड़ी अक्ल आ जाये, हम ईश्वर से यही प्रार्थना करते हैं. और उन मुफ्तखोरों को भी समझ आ जायेगी, क्योंकि किसी भी देश के विकास का रास्ता उसकी सैनिक ताकत, सीमाओं की मजबूत सुरक्षा और अत्याधिक हथियारों से होकर ही गुजरती है.

आप कितने भी ज्ञानी, धनी, प्रतिष्ठित क्यों न हो – गुलामी पल भर में सब स्वाहा कर देती है. न आपकी प्रतिष्ठा बचेगी, न धन, न ग्यान, न परिवार, न संस्कृति और न ही राष्ट्र!

भगवान श्रीराम सबकुछ त्याग कर वनवास के लिए निकले थे. जो नहीं त्यागा था वो था धनुष और बाण!

3 दिन समुद्र देव की पूजा करने पर भी जब उसने रास्ता नहीं दिया तो भगवान गांधीवाद के चक्कर में नहीं उलझे. सीधा धनुष तान दिया! कि आज सारा जल सुखा दूँगा..

“बिनय न मानत जलधि जड़, गए तीन दिन बीत।

बोले राम सकोप तब, भय बिनु होइ न प्रीत॥”

दुनियाँ के 25 सबसे ताकतवर देशों की हुई लिस्ट जारी ,,, भारत आया नम्बर चार पर , हम से आगे अमेरिका , रूस और चीन है ,,, ये है मोदी युग ,,,
🔺चौथी उपलब्धि ,,, 1 लाख करोड़ के पार पहुँचा GST का मासिक टैक्स कलेक्शन ,,,,, ये है ! एक चाय वाले का अर्थशास्त्र ,,,
🔺पाँचवी उपलब्धि ,,, नए सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने में , अमेरिका और जापान को पीछे छोड़ , भारत पहुँचा दूसरे स्थान पर ,,,,
🔺छठी उपलब्धि ,,,,, 2017-18 में दो गुना हुआ , सौर ऊर्जा का उत्पादन ,,,, चीन और अमेरिका भी दंग है ,,,
🔺 सातवीं उपलब्धि ,,, भारत की आसमान छू रही , GDP को देखकर ,,, भारत की GDP 8.2% , चीन की 6.7% और अमेरिका की 4.2% ! अब भी कहेंगे , भारतीय की मोदी विदेश क्यों जाते हैं,,,
🔺आठवीं उपलब्धि ,,, जल , थल ओर आकाश ; तीनों क्षेत्रों से सुपरसोनिक मिसाइल दागने वाला , दुनियाँ का पहला देश बना भारत ,,, ये है मोदी युग ,,, अगर आपको गर्व हुआ हो , तो जयहिन्द लिखना न भूलें ,,,,
🔺नवीं उपलब्धि ,,,, 70 सालों में पाकिस्तान को कभी गरीब नहीं देखा ,, लेकिन मोदी जी के आते ही पाकिस्तान कंगाल हो गया ,,, दरअसल पाकिस्तान की कमाई का जरिया , भारतीय नकली नोटों का व्यापार था ,,,, जिसे मोदी जी ने खत्म कर दिया ,,,
🔺दसवीं उपलब्धि को भी पढ़ें ,,,,,, एक बात समझ में नहीं आयी ,,, 2014 में कांग्रेसी रक्षामंत्री ऐ. के. एंटोनी ने कहा था , देश कंगाल है , हम राफेल तो क्या , छोटा जेट भी नहीं ले सकते ,,,, पर मोदीजी ने ईरान का कर्ज भी चुका दिया ,,, राफेल डील भी करली ,,, S – 400 भी ले रहे हैं ! आखिर कांग्रेस के समय देश का पैसा कहाँ जाता था ,,, ❓
🔺ग्याहरवीं उपलब्धि ,,, सेना को मिला बुलेटप्रूफ स्कार्पियो का सुरक्षा कवच ,,, जम्मू कश्मीर में मिली सेना को 2500 बुलेटप्रूफ स्कार्पियो ,,,
🔺बाहरवीं उपलब्धि ,,, अब आपको बताता हूँ , भारत का इन 4 सालों में विकास क्या हुआ ,,,
अर्थ व्यवस्था में फ्रांस को पीछे धकेल नम्बर 6 बना ,,,
🔺तेहरवीं उपलब्धि ,,, ऑटो मार्केट में जर्मनी को पीछे छोड़ नम्बर 4 बना ,,,
🔺चौदहवीं उपलब्धि ,,,, बिजली उत्पादन में रूस को पीछे छोड़ नम्बर 3 बना ,,,
🔺पन्द्रहवीं उपलब्धि ,,, टेक्सटाइल उत्पादन में इटली को पीछे छोड़ नम्बर 2 बना ,,,
🔺सोलहवीं उपलब्धि ,,, मोबाइल उत्पादन में वियतनाम को पीछे छोड़ नम्बर 2 बना,,,
🔺सत्ररहवीं उपलब्धि ,,, स्टील उत्पादन में जापान को पीछे छोड़ नम्बर 2 बना ,,,
🔺अठारहवीं उपलब्धि ,,, चीनी उत्पादन में ब्राजील को पीछे छोड़ नम्बर 1 बना ,,,
🔺उन्नीसवीं उपलब्धि ,,, राम मंदिर , धारा 370 , ट्रिपल तलाक , जिन पर काम जारी है , सी ए ए . एनआरसी . समान नागरिक संहिता , जनसंख्या नियंत्रण कानून इत्यादि❗️
🔺बीसवीं उपलब्धि ,,, हमेशा सोए रहने वाले हिंदूओं में राष्ट्रवाद जगा दिया , पूरी दुनिया के सवा सौ करोड़ हिंदुओं का एक भी राष्ट्र नहीं है ! मैं इस काम को सबसे महत्वपूर्ण मानता हूं❗️
इसको कहते हैं , मोदी युग
मोदी सरकार में घाटी से हो रहा है , आतंकियों का सफाया ,,,
लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी नवेद वट को मार गिराया ,,,
हिज्बुल से जुड़े 2 आतंकी ढेर ,,,
8 महीनों में 230 आतंकियों को 72 हूरों के पास जहन्नुम में पहुंचाया❗️
🔺कांग्रेस राज में आतंकी दहशत फैलाते थे ! मोदी राज में सेना आतंकियों के लिए दहशत बनी हुई है ,,, ये है मोदी राज का फार्मूला ,,,, मोदीजी की बढ़ती हुई ख्याति से , सारा विपक्ष बौखला गया है , कि अब उनके भ्रष्टाचारी हथकंडे कामयाब नहीं हो सकते , तब एक अभिमन्यु का वध करने के लिए , सारे भ्रष्टाचारिता के महारथी एक होकर , चक्रव्यूह की रचना कर रहे हैं ! 2024 में मोदी को हराने के लिए ,,, लेकिन उन भ्रष्टाचारी महारथियों को यह नहीं मालूम , कि द्वापर के अभिमन्यु की चक्रव्यूह भेदन की शिक्षा माँ के गर्भ में ली गयी थी और वो भी केवल घुसने की बाहर निकलने की नहीं , लेकिन इस मोदी रूपी अभिमन्यु ने चक्रव्यूह के भेदन व उसे चकनाचूर करने की शिक्षा माँ के गर्भ से बाहर आकर , इस माँ भारती से ली है , जो अजेय है ,,, पराजेय नहीं है ,,,,
🔺आइए , आज हम सब मिलकर , एक संकल्प ले , कि इस सेवक को 2024 में इतने भारी बहुमत से विजयी बनावें की , वह आंकड़ा गिनीज बुक में दर्ज होकर रह जाय ! जिस आंकड़े को कोई छू भी न सके ,,,,,
2024 में मोदीजी को वापस भारत का प्रधानमंत्री बनाए ‼️
जय हिंद
जय भारत
🔺मेरे इस पोस्ट को , आप गर्व से पांच ग्रुप मैं भेजे ,,, ताकि जन – जन तक , मेरा ये संदेश पहुंचे और पोस्ट की सार्थकता सिद्ध हो ‼️*🌹

राष्ट्र सर्वोपरी

जय हिन्द!

Driving License new Rules 2022 – ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का नियम बदलाApril 13, 2022 by Team baci.news2020

Driving License new Rules 2022 – आज की पोस्ट में हम आपको बताएंगे ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित जो परिवहन मंत्रालय में Driving license new update 2022 जारी किया है उसके बारे में l  दोस्तों अगर आप भी 18  18 वर्ष आयु पार कर चुके हैं और आपके पास कोई ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है, आप चाहते हैं कि ड्राइविंग लाइसेंस आपका भी तो बन जाए,  तो हमारी यह पोस्ट पूरी पढ़ें क्योंकि Driving license new update 2022 में बिल्कुल नया तरीका  बताया गया कि आप किस तरह से Driving license के लिए आवेदन कर सकते हैं l

Driving License new Rules 2022

ड्राइविंग लाइसेंस हेतु परिवहन मंत्रालय में बदले नियम l  जिसे युवा सुनकर हो जाएंगे बहुत खुश और नहीं जाना होगा आरटीओ l  अगर आप भी एक युवा हैं और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना चाहते हैं तो ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने हेतु Driving license new update 2022 आई है जिसमें अब युवाओं को  बिना आरटीओ जाएं ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करना होगा l 

जैसा कि आप जानते ही होंगे  कि पहले जब हमें ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना होता था तो हम अपने जिले के आरटीओ ऑफिस जाकर वहां से Driving license के लिए आवेदन किया करते थे लेकिन वह प्रक्रिया इतनी आसान है, वहां जाकर हमें अगर टू व्हीलर के लिए Driving license बनवा रहे हैं तू टू व्हीलर की Driving का एक टेस्ट देना होता था अगर आप उसमें पास  हो  जाते हैं हो तो  आपका Driving license  बना दिया जाता था l

वही जिस युवा को फोर व्हीलर अथवा सिक्स व्हीलर के लिए ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना होता था तो उसे उसी व्हीकल का टेस्ट देना पड़ता था और उसके पास होने पर Driving license बना दिया जाता था,  लेकिन दोस्तों अभी ऐसा कुछ नहीं होने वाला है क्योंकि अब 2022 में परिवहन मंत्रालय ने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने हेतु नियमों में बड़े बदलाव कर दिए हैं कि आप को जानना बहुत जरूरी है l

Driving license new update 2022

दोस्तों Driving license new update 2022में आपको जानकर बेहद खुशी होने वाली है क्योंकि जो अपडेट आई है उसमें आपको ड्राइविंग लाइसेंस के लिए बिल्कुल परेशान होने अथवा टेस्ट देने की जरूरत नहीं है,  आपका ड्राइविंग लाइसेंस आपके घर के पते पर पहुंचाया जाएगा इन सब जानकारियों के लिए नीचे की सारी बातें ध्यानपूर्वक पढ़ें l

Driving Licen

Driving License new Rules 2022

CountryIndiaQyeryDriving License new Rules 2022CategoryDriving LicenseUpdateNewYear2022Wheel2, 4, 8StateAll StatesLicenseCompulsoryOfficial Websiteparivahan.gov.in

Driving License new Rules 2022
Driving License new Rules 2022

Driving license update 2022

  • अब युवाओं को 2022 में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए किसी भी प्रकार का ड्राइविंग टेस्ट देने की जरूरत नहीं होगी l
  •  ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आपको आरटीओ ऑफिस जाने की भी जरूरत नहीं होगी आप घर बैठे यह काम करें सकते हैं l 
  • बिना आरटीओ ऑफिस जाए ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आपको केवल मोटर ट्रेनिंग स्कूल से एक सर्टिफिकेट की जरूरत पड़ेगी l

Driving license new rules for driving school

  1. जो  ट्रेनर किसी युवा को ड्राइविंग की ट्रेनिंग दे रहा है  उसका बारहवीं कक्षा पास होना और 5 साल का ड्राइविंग अनुभव होना अनिवार्य है तथा उसे यातायात नियमों की अच्छी जानकारी होनी चाहिए l
  2. जो ड्राइविंग सेंटर युवाओं को दो पहिया तीन पहिया हर के मोटर के लिए ट्रेनिंग देते हैं तो इस स्थिति में उनके पास कम से कम 1 एकड़ जमीन होना  चाहिए l
  3. हैवी मोटर वाहन अथवा यात्री वाहनों  या टेलर के लिए सेंटर के पास कम से कम 2 एकड़ की जमीन होना अति आवश्यक है तभी वह ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल अथवा सेंटर चला सकेंगे l

तो दोस्तों अब आप जानते होंगे कि Driving license हेतु कितने बड़े-बड़े अपडेट किए गए हैं अगर आप भी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना चाहते हैं तो आप आसानी से बनवा सकते हैं आपके पास आधार कार्ड और की मान्यता प्राप्त ड्राइविंग सेंटर के सर्टिफिकेट होना आवश्यक है l 

Driving license after learning license 

ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने से पहले बनवाना होगा यह लाइसेंस : दोस्तों अगर आप इसी वर्ष 18 साल के हुए हैं और अभी तक आपने ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं किया है और आपको गाड़ी चलाना अच्छी तरह  आता है तो यह बात जरूर जाने, की ड्राइविंग लाइसेंस  से पहले आपको एक लर्निंग लाइसेंस बनवाना होगा l लर्निंग लाइसेंस जिसकी वैधता 6 महीने की होती है उसे बनवाने के बाद ही आप ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकेंगे l Driving license बनने के लिए आपको कुछ नहीं करना है इसके लिए भी आप ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं l 

नीचे हमने  एक  लिंक दिया हुआ है जिस पर क्लिक करके आप ऑनलाइन लर्निंग लाइसेंस के लिए स्वयं घर बैठे आवेदन कर सकते हैं, सफलतापूर्वक आवेदन होने के पश्चात आपका लर्निंग लाइसेंस घर के पते पर पहुंचा दिया जाएगा और आप 6 महीने तक इस  लर्निंग लाइसेंस के माध्यम से राइडिंग कर सकेंगे और 6 महीने के अंदर – अंदर आपको एक ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करना होगा इसके बारे में  हमने ऊपर बता दिया है l 

FAQs about Driving license new update 2022

1 क्या अब हम घर बैठे सारी नौटंकी आवेदन कर सकते हैं ?

जी हां दोस्तों अब ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आपको आरटीओ जाने की जरूरत नहीं होगी घर गए थे उसके लिए आवेदन कर सकते हैं l 

2  लाइसेंस बनवाने के लिए हमें क्या करना चाहिए ?

 दोस्तों ड्राइंग बनाने से पहले आपको लर्निंग लाइसेंस बनवाना होगा l

3  क्या हमें लर्निंग लाइसेंस बनवाना अनिवार्य है ?

 जी हां दोस्तों लर्निंग लाइसेंस के बिना आपका ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बन सकता l

यूक्रेन

यूक्रेन 

यूक्रेन (Ukraine) पूर्वी यूरोप का एक देश है. यह रूस के बाद यूरोप में क्षेत्रफल के हिसाब से दूसरा सबसे बड़ा देश है (Second-largest country in Europe). इसकी सीमा पूर्व और उत्तर-पूर्व में रूस, उत्तर में बेलारूस, पश्चिम में पोलैंड, स्लोवाकिया और हंगरी, दक्षिण में रोमानिया और मोल्दोवा से मिलती है (Geographical location). इसका क्षेत्रफल 603,628 वर्ग किमी है (Area). 2021 में, 41.6 मिलियन की आबादी के साथ, यह यूरोप में आठवां सबसे अधिक आबादी वाला देश है (Population of Ukraine). देश की राजधानी और सबसे बड़ा शहर कीव है (Capital of Ukraine).

आधुनिक यूक्रेन का क्षेत्र 32,000 ईसा पूर्व का है. 13वीं शताब्दी में, इस क्षेत्र पर पोलिश-लिथुआनिया, ऑस्ट्रिया-हंगरी सहित कई रियासतों ने शासन किया. 18वीं शताब्दी के दौरान इसका क्षेत्र पोलैंड और रूसी साम्राज्य के बीच विभाजित हो गया. रूसी क्रांति के बाद, एक यूक्रेनी राष्ट्रीय आंदोलन शुरू हुआ, और इसे 23 जून 1917 को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यूक्रेनी पीपल्स रिपब्लिक घोषित किया गया (Ukrainian People’s Republic). द्वितीय विश्व युद्ध के बाद, यूक्रेन सोवियत संघ का हिस्सा बन गया (Ukrainian Soviet Socialist Republic). 1991 में सोवियत संघ के विघटन के बाद यूक्रेन ने अपनी स्वतंत्रता प्राप्त की (Ukraine’s independence).

2013 में, यूक्रेन के राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच (Viktor Yanukovych) ने यूक्रेन-यूरोपीय संघ समझौता को निलंबित करने और रूस के साथ घनिष्ठ आर्थिक संबंध बनाने का फैसला किया. इसका जबरदस्त विरोध हुआ और यानुकोविच को हटाकर एक नई सरकार की स्थापना हुई. इन घटनाओं ने मार्च 2014 में रूस द्वारा क्रीमिया के विलय की पृष्ठभूमि तैयार की  (Annexation of Crimea by Russia). 2016 में, यूक्रेन यूरोपीय संघ के साथ गहरे और व्यापक मुक्त व्यापार क्षेत्र का आर्थिक घटक बन गया.

New Education Policy (NEP) नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 – नई शिक्षा नीति | National education policy

राष्ट्रीय-शिक्षा-नीति-2020
राष्ट्रीय-शिक्षा-नीति-2020
नई-एजुकेशन-पालिसी
नेशनल-एजुकेशन-पॉलिसी-2020

New Education Policy PDF (NEP नई शिक्षा नीति): जैसे की हम जानते ही हैं कि “शिक्षा ” व्यक्ति के संपूर्ण विकास के लिए बहुत आवश्यक है। इसलिए ये ज़रूरी है की शिक्षा की गुणवत्ता बनाये रखने के लिए वक्त के साथ शिक्षा नीति में भी बदलाव किया जाता रहे। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 – नई शिक्षा नीति भी समय की मांग और जरुरत के हिसाब से देश की शिक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाये रखने के लिए लाई गयी है। शिक्षा नीति में बदलाव 34 वर्ष बाद हुआ है। इस से पहले सं०1968 और सं०1986 के बाद ये तीसरी बार राष्ट्रीय शिक्षा नीति में बदलाव हुआ है । नई शिक्षा नीति का मसौदा इसरो प्रमुख रह चुके “डॉ० के० कस्तूरीरंगन” की अध्यक्षता में तैयार किया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूरी मिलने पर इसे लागू कर दिया गया है। नई शिक्षा नीति का उद्देश्य भारत में स्कूल और उच्च शिक्षा प्रणालियों में परिवर्तनकारी सुधारों का मार्ग प्रशस्त करना है। इस नीति के तहत स्कूल से लेकर कॉलेज शिक्षा नीति तक में बदलाव किया गया है। साथ ही “मानव संसाधन विकास मंत्रालय ” को अब ” शिक्षा मंत्रालय ” के नाम से जाना जाएगा। इस पॉलिसी के तहत बहुत से महत्वपूर्ण बदलाव किये गए हैं जिन्हे आगे इस आर्टिकल के ज़रिये जान सकते हैं।https://googleads.g.doubleclick.net/pagead/ads?client=ca-pub-7529781388028466&output=html&h=300&slotname=4961256835&adk=4042122331&adf=2675539371&pi=t.ma~as.4961256835&w=360&lmt=1649727140&rafmt=1&psa=0&format=360×300&url=https%3A%2F%2Fpmmodiyojanaye.in%2Fnational-education-policy-2020%2F&fwr=1&fwrattr=true&rpe=1&resp_fmts=3&sfro=1&wgl=1&uach=WyJBbmRyb2lkIiwiNS4xLjEiLCIiLCJ2aXZvIFk1MUwiLCI5NS4wLjQ2MzguNzQiLFtdLG51bGwsbnVsbCwiIixbXSxmYWxzZV0.&tt_state=W3siaXNzdWVyT3JpZ2luIjoiaHR0cHM6Ly9wYWdlYWQyLmdvb2dsZXN5bmRpY2F0aW9uLmNvbSIsInN0YXRlIjoyMiwiaGFzUmVkZW1wdGlvblJlY29yZCI6dHJ1ZX1d&dt=1649727138006&bpp=21&bdt=5704&idt=2482&shv=r20220406&mjsv=m202203300101&ptt=9&saldr=aa&abxe=1&prev_fmts=0x0%2C360x280&nras=1&correlator=2980228860287&frm=20&pv=1&ga_vid=98366253.1649727140&ga_sid=1649727140&ga_hid=1461537525&ga_fc=0&u_tz=330&u_his=1&u_h=640&u_w=360&u_ah=640&u_aw=360&u_cd=24&u_sd=1.5&dmc=2&adx=0&ady=1547&biw=360&bih=562&scr_x=0&scr_y=35&eid=44759875%2C44759926%2C44759837%2C44760332%2C44760475%2C182982000%2C182982200%2C21067496&oid=2&pvsid=701553505432335&pem=741&tmod=1297510937&uas=3&nvt=1&ref=https%3A%2F%2Fwww.google.com%2F&eae=0&fc=1920&brdim=0%2C0%2C0%2C0%2C360%2C0%2C360%2C618%2C360%2C618&vis=1&rsz=%7C%7CeEbr%7C&abl=CS&pfx=0&fu=128&bc=31&ifi=3&uci=a!3&btvi=1&fsb=1&xpc=3aNG4mxadm&p=https%3A//pmmodiyojanaye.in&dtd=2515

New Education Policy PDF (NEP) नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020  – नई शिक्षा नीति | National education policy

New Education Policy PDF (NEP) नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 – नई शिक्षा नीति | National education policy

Table of Contents

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020

नयी शिक्षा नीति के तहत किये गए बदलाव आने वाले लगभग दो दशकों को ध्यान में रखकर किये गए हैं। शिक्षा नीति 2020 में किये गए सारे बदलाव एक बार में नहीं बल्कि एक के बाद करके अलग अलग चरणों में लागू किये जाएंगे। इस नीति का मकसद शिक्षा के प्रारूप में बदलाव करके भारत को विकास की राह पर चला वैश्विक ज्ञान महाशक्ति के रूप में स्थापित करना है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत सकल नामांकन अनुपात को वर्ष 2030 तक सौ प्रतिशत (100%) लाने का टारगेट रखा गया है। शिक्षा क्षेत्र पर जी डी पी के 6 % हिस्से का सार्वजनिक व्यय भी इस शिक्षा नीति के तहत किया गया है। ये केंद्र और राज्य सरकार की सहायता से किया जाएगा।

नई शिक्षा नीति के अनुसार अब 5 +3 +3 +4 वाला पैटर्न फॉलो किया जाएगा। अब से शिक्षा में रटने की बजाए कॉन्सेप्ट समझने पर ज़ोर दिया जाएगा। सिर्फ ज्ञान ही नहीं उनके शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाने की कोशिश रहेगी। कुलमिलाकर सारा ध्यान छात्रों के सर्वांगीण विकास पर होगा।

Highlights of National education policy 2020

लेखराष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 नीति का शुभारम्भ शिक्षा मंत्रालय , भारत सरकार।

वर्ष 2020 (प्रस्तुत), 2022 ( सक्रिय )

नीति का लाभ पाने वाले भारत के सभी छात्र एवं छात्राएं

नीति का उद्देश्य शिक्षा नीति को उत्कृष्ट बनाना और भारत को विश्व में वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बनाना।

आधिकारिक वेबसाइट https://www.education.gov.in/hihttps://pmmodiyojanaye.in/web-stories/new-education-policy-nep-structure/#visibilityState=prerender&origin=https%3A%2F%2Fpmmodiyojanaye.in&showStoryUrlInfo=0&storyPlayer=v0&cap=swipe

नयी राष्ट्रीय शिक्षा पॉलिसी 2020 से होने वाले लाभ :-

नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति से होने वाले सभी लाभों की चर्चा नीचे विस्तार से इस लेख में कर रहे हैं।

  • इसका सबसे पहला लाभ तो यही है की आज की शिक्षा व्यवस्था की पुरानी सभी खामियों को हटाने का प्रयास किया है। नई नीति के तहत इसे उत्कृष्ट और सार्वभौमिक बनाने पर ध्यान दिया गया है।
  • इस नयी एजुकेशन पालिसी के तहत छात्रों के ज्ञान के साथ साथ उनके स्वास्थ्य और कौशल विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य कार्ड भी बनाये जाएंगे। नियमित रूप से छात्रों की स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था भी सम्मिलित है.
  • नेशनल एजुकेशन पॉलिसी को लागू करने के लिए केंद्र व राज्य सरकार द्वारा जी डी पी का 6 प्रतिशत हिस्सा व्यय किया जाएगा।
  • नयी शिक्षा नीति के तहत अब छात्रों को अपने विषय का चुनाव स्वयं करने का अधिकार होगा। छात्रों को पहले की तरह आर्ट्स , साइंस और कॉमर्स में से किसी एक को नहीं चुनना पड़ेगा। वो चाहे तो इन तीनो ही स्ट्रीम्स से विषय चुन सकते हैं।
  • इस नीति में बोर्ड परीक्षा का प्रारूप भी बदला गया है। अब से बोर्ड की परीक्षाएं साल में एक की बजाए दो बार कराई जाने की बात कही गयी है। इस से छात्रों पर पढाई का बोझ ख़त्म होगा। सालभर की बजाए आखिरी के दो या तीन माह पढ़कर परीक्षा देने की प्रवृत्ति भी ख़त्म होगी।
  • नयी शिक्षा नीति में अब छात्र अपनी भाषा में पढ़ पाएंगे और एग्जाम भी उसी भाषा में दे पाएंगे। भारत की अन्य प्राचीन भाषा जैसे संस्कृत को पढ़ने का भी ऑप्शन दिया गया है। अंग्रेजी की अनिवार्यता ख़त्म कर दी गयी है।
  • अब से शैक्षिक सत्र में छात्रों को तकनीकी ज्ञान देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्हें कक्षा 6 से ही कोडिंग आदि सिखायी जाएगी और इंटर्नशिप भी करायी जाएगी।
  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में विद्यार्थियों का बोझ कम करने और पढाई में उनकी रूचि बढ़ाने के लिए “अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सॉफ्टवेयर “के माध्यम से शिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिस से रटने की जगह उनकी समझ बढ़ाने पर ध्यान दिया जा सकेगा।
  • स्वस्थ शरीर के साथ ही स्वस्थ मस्तिष्क होना भी जरुरी है इसलिए पाठ्यक्रम में पढाई के साथ ही खेल-कूद , कला इत्यादि ” एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज” को भी अनिवार्य किया है।
  • नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत अब विद्यार्थी ऑफलाइन कक्षाओं के साथ साथ ऑनलाइन भी पढ़ सकेंगे। इस सम्बन्ध में उन्हें पढ़ने की सामग्री अब ऑनलाइन भी उपलब्ध कराई जाएगी।

नयी शिक्षा नीति 2020 में किये गए बदलाव / नयी शिक्षा नीति में क्या है ? / नयी शिक्षा नीति के तहत किये गए बदलाव।

नयी शिक्षा नीति 2020 में पुरानी शिक्षा नीति की खामियों को हटाकर नए पाठ्यक्रम को लाया गया है। इस में इस बात का खास ख्याल रखा गया है कि पाठ्यक्रम सरल और सहज हो। जो विद्यार्थियों की समझ में आ सके व बेवजह का बोझ न बने। ऐसी शिक्षा प्रणाली हो जिस से विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास हो। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत पाठ्यक्रम को छात्रों के लिए रुचिपूर्ण बनाया गया है तथा तकनीकी ज्ञान और उसके प्रैक्टिकल / ट्रेनिंग को भी सम्मिलित किया गया है। नयी नीति में शिक्षा की गुणवत्ता का उच्चतर स्तर बनाये रखने का प्रयास किया गया है। ज्ञान सिर्फ रटने व परीक्षा पास करने के लिए नहीं बल्कि उनकी तार्किक , रचनात्मक ,नैतिक सोच आदि का विकास करने के लिए है।

इस पाठ्यक्रम को एक बार में कार्यान्वित नहीं किया जाएगा। नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के तहत इसे अलग -अलग चरणो में लागू किया जाएगा। इसके कुल चार चरण होंगे। नयी नीति के तहत अब शिक्षण व्यवस्था 5 +3 +3 +4 की प्रक्रिया में होगी। ये पुरानी प्रक्रिया 10 +2 के आधार से अलग है। नयी शिक्षा नीति के तहत ‘राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद’ (National Council of Educational Research and Training- NCERT) द्वारा पाठ्यक्रम की रूपरेखा तैयार की जाएगी। लेख में आगे हम इसी पर विस्तार से लिख रहे हैं।

फाउंडेशन स्टेज मूलभूत चरण (पूर्व प्राथमिक और ग्रेड 1 व 2 ) (5 वर्ष )

ये राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत आने वाला वाला पहला चरण है। पहले की शिक्षा नीति में 6 वर्ष तथा उस से बड़े बच्चों को ही एजुकेशन सिस्टम का भाग माना जाता था। पर अब प्री- प्राइमरी एजुकेशन को भी अब फॉर्मल एजुकेशन माना जाएगा। यानी की अब से 3 से 6 वर्ष के बच्चे भी शिक्षा व्यवस्था का भाग होंगे। इस उम्र तक बच्चों के मस्तिष्क का सही विकास और शारीरिक वृद्धि हो सके इस बात को ध्यान में रखकर नयी नीति में उनके लिए पाठ्यक्रम में खेल कूद व अन्य गतिविधियाँ रखी हैं।

नयी शिक्षा नीति के तहत अब प्रारंभिक बालयकाल अवस्था से ही बच्चों को आगे आने वाली शिक्षा दीक्षा के लिए तैयार किया जाएगा। इसके लिए सम्बंधित संगठनात्मक (बुनियादी ) ढाँचे को और मजबूत बनाया जाएगा। जैसे की आंगनबाड़ी की कार्यकत्रियों/शिक्षकों को ट्रेनिंग देना तथा बाल सुलभ , हवादार भवन का निर्माण इत्यादि। 5 साल से कम आयु के बच्चों के लिए “बालवाटिका ” का प्रावधान भी किया गया है। यहाँ खेल कूद के साथ-साथ संख्या ज्ञान आदि दे दिया जाएगा। साथ ही कक्षा दो तक कोई भी परीक्षा नहीं ली जाएगी। इस तरह बच्चों को बिना दबाव के शिक्षित किया जाएगा एवं साथ ही उनकी शिक्षा के प्रति रूचि बढाई जाएगी।

प्रेपरेटरी स्टेज (3 वर्ष )

अगले चरण को प्रिपरेटरी स्टेज नाम दिया गया है , जहाँ बच्चों को आगे के पाठ्यक्रम के लिए तैयार किया जाएगा। इस स्टेज में कक्षा 3 से 5 तक को शामिल किया गया है जिनकी उम्र 8 से 11 वर्ष के बीच हो सकती है । इन कक्षाओं के छात्र अपनी मातृभाषा तथा स्थानीय भाषा में भी पढाई कर सकते हैं। यही नहीं वो चाहें तो परीक्षा भी स्थानीय या मातृभाषा में दे सकते हैं। नयी शिक्षा नीति के तहत ये कदम यही सोच के उठाया गया है की अपनी भाषा में ज्ञान अर्जित करना ज्यादा रोचक व सरल होता है। इसके चलते विद्यार्थियों को दिया ज्ञान ज्यादा प्रभावी और कारगर होता है। अंग्रेजी भाषा की अनिवार्यता को ख़त्म कर दिया गया है और इसे एक विषय के रूप में अब भी पढ़ाया जाएगा। हालाँकि जो अंग्रेजी माध्यम से पढ़ने के इच्छुक हों उनके लिए भी ऑप्शन है। इस स्टेज में छात्रों को संख्यात्मक कौशल व भाषा का मूलभूत ज्ञान दिया जाएगा। कक्षा 3 से अब परीक्षा की शुरुआत हो जाएगी।

मिडिल स्टेज (3 वर्ष )

इस स्टेज में कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थी आएँगे जिनकी उम्र 11 से 14 वर्ष के बीच हो सकती है। इस कक्षा से अब कंप्यूटर ज्ञान और कोडिंग की जानकारी दी जाने लगेगी। सभी को आवश्यक रूप से रूचि के अनुसार व्यावसायिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा और उसके बाद इंटर्नशिप भी करवाई जाएगी। इसके लिए उन्हें मार्क्स भी मिलेंगे। इस तरह से प्रशिक्षण के साथ साथ उनमें व्यावहारिक समझ भी विकसित की जाएगी। इस चरण में बच्चों को बाकी सब्जेक्ट्स के साथ कोई भी एक भारतीय भाषा ( जैसे क्षेत्रीय भाषा ) का भी आवश्यक रूप से ज्ञान दिया जाएगा।

नेशनल-एजुकेशन-पॉलिसी-2020

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020

सेकेंडरी स्टेज (4 वर्ष )

इस स्टेज में कक्षा 9 से लेकर 12 तक के छात्र आएँगे जिनकी उम्र सीमा 14 से 18 वर्ष हो सकती है। नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार अब कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को सेमेस्टर वाइज देना पड़ेगा। जबकि पहले परीक्षा सालभर में एक बार होती थी। जिस से बच्चे परीक्षा से पहले के तीन महीने पढ़कर परीक्षा में उत्तीर्ण होते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा क्यूंकि सालभर में दो परीक्षाएं होने से छात्रों को अध्ययनरत रहना होगा।

अब छात्रों को आर्ट्स साइंस और कॉमर्स में से किसी एक स्ट्रीम को ही पढ़ने की बाध्यता ख़त्म कर दी गयी है। छात्र चाहें तो साइंस , कॉमर्स के विषय के साथ आर्ट्स के विषय भी ले सकते हैं। हालंकि इसके लिए विषयों के पूल बनाये जाने की भी व्यवस्था की जाएगी ।

मूल्यांकन : विद्यार्थियों का मूल्यांकन अब पहले की तरह नहीं किया जाएगा। नयी शिक्षा नीति 2020 के तहत अब उनका रिपोर्ट कार्ड नयी प्रक्रिया से तैयार होगा। किसी भी छात्र को फाइनल रिपोर्ट कार्ड पर अंक देते हुए उसके ओवरआल परफॉरमेंस को देखा जाएगा। उसका व्यवहार , उसकी एक्स्ट्रा करीकुलर एक्टिविटीज में भागीदारी व प्रदर्शन , तथा उसकी मानसिक क्षमताओं का भी ध्यान रखा जाएगा। अब से रिपोर्ट कार्ड 360 डिग्री असेसमेंट के आधार पर बनेगा , जिसमे विषय पढ़ाने वाले अध्यापक के साथ साथ छात्र अपना व अपने सहपाठियों का विश्लेषण कर खुद को और सहपाठियों को भी अंक देंगे।

क्रम स० चरणवर्ष संख्या कक्षा विद्यार्थी की उम्र1पहला –

फाउंडेशन स्टेज5 वर्षप्री – प्राईमरी (3 वर्ष )+कक्षा 1 व 26 से 8 वर्ष तक

2दूसरा -प्रीपेरटरी स्टेज3 वर्षकक्षा 3 से लेकर कक्षा 5 तक8 से 11 वर्ष

3तीसरा -मिडिल स्टेज3 वर्षकक्षा 6 से लेकर कक्षा 8 तक11 से 14 वर्ष

4चौथा – सेकेंडरी स्टेज4 वर्षकक्षा 9 से लेकर 12 कक्षा तक14 से 18 वर्ष

शिक्षण प्रणाली से जुड़े सुधार

एडमिशन: नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के तहत अब शिक्षा क्षेत्र में कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों के लिए भी नए प्रावधान बनाये गए हैं। अब से कॉलेज में एडमिशन के लिए अगर छात्रों को 12 वी के मार्क्स के आधार पर (कटऑफ के बेस पर) मनपसंद कॉलेज में सीधे एडमिशन नहीं मिलता है तो वो छात्र CAT (कॉमन एप्टीटुड टेस्ट ) एग्जाम दे सकते हैं। फिर 12 वी तथा कैट एग्जाम के अंक मिलाकर वे अपनी पसंद की यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने का अवसर पा सकते हैं।

मल्टीपल एंट्री और मल्टीपल एग्जिट“: नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत ग्रेजुएशन की पढाई को अब 4 और 3 साल के टाइम पीरियड में बांटा गया है। जिसमे अब “मल्टीपल एंट्री और मल्टीपल एग्जिट” की सुविधा दी गयी है। इसके तहत अगर कोई विद्यार्थी ग्रेजुएशन की डिग्री की पढ़ाई बीच में अधूरी छोड़कर जाता है या किसी कारणवश अपनी पढाई पूरी नहीं पाता तो उसे एक साल में सर्टिफिकेट कोर्स ,दो साल में डिप्लोमा , और 3 साल में बैचलर्स की डिग्री मिलेगी। वहीँ अगर कोई 4 साल की पढाई पूरी करता है तो उसे बैचलर्स के साथ रिसर्च का सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा। बीच में छोड़ने के बाद अगर कोई व्यक्ति अपनी पढाई पूरी करने का इच्छुक हो तो वो भी अपनी पढाई फिर से शुरू कर सकता है इसके लिए उसे फिर से ग्रेजुएशन के फर्स्ट ईयर से शुरू करने की जरूरत नहीं होगी। जिस वर्ष की पढाई अधूरी रह गयी थी वहीँ से शुरू कर सकते हैं। यहाँ भी छात्र अपनी पसंद से विषयों का चुनाव कर सकते हैं।

अकादमिक बैंक ऑफ़ क्रेडिट (ABC ) : राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत अब छात्रों को अकादमिक बैंक ऑफ़ क्रेडिट की सुविधा प्राप्त हो सकेगी। अब से सभी छात्रों के अंक , रिपोर्ट, डाक्यूमेंट्स आदि ऑनलाइन या डिजिटल तरीके से सेव किये जाएंगे। पढाई के दौरान सेमेस्टर में क्रेडिट्स मिलेंगे जिसके अंतर्गत कोई भी छात्र जो किसी कारणवश अपने सेमेस्टर पूरे नहीं कर पाता है तो वो अपनी पढाई पूरी करने के लिए इस अकादमिक बैंक में अपने क्रेडिट्स का प्रयोग करके पढाई बाद (एक निश्चित अवधि ) में पूरी कर सकता है। इस बैंक में जमा क्रेडिट का उपयोग वो दूसरे संस्थान में जाने के लिए भी प्रयोग कर सकता है।

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी से सम्बंधित कुछ महत्वपूर्ण तथ्य

  • वोकेशनल ट्रेनिंग को दिया जाएगा महत्व : नयी शिक्षा नीति के अंतर्गत 2025 तक वोकेशनल पढाई करने वालों का प्रतिशत 50% तक लाने का लक्ष्य रखा है जो अभी तक 5 प्रतिशत से भी कम है। कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों को वोकेशनल ट्रेनिंग दी जाएगी जिसमे उन्हें बाग़बानी , मिटटी के बर्तन बनाना, बिजली का काम आदि सिखाया जाएगा।
  • एम फिल को किया समाप्त और अब 4 साल का होगा बी० एड :-नयी एजुकेशन पालिसी 2020 में एम फिल कार्यक्रम को ख़त्म कर दिया गया है। साथ ही अब बी एड प्रोग्राम को 2 वर्ष से बढाकर 4 वर्ष कर दिया गया है।
  • भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देना : नयी शिक्षा नीति के तहत कक्षा 5 तक अंग्रेजी की अनिवार्यता हटा मातृभाषा तथा क्षेत्रीय भाषा में पढ़ने की सुविधा दी है।
  • विदेशी भाषा भी सम्मिलित : विद्यार्थियों को अब माध्यमिक स्तर से विदेशी भाषाएं भी सिखाई जाएंगी। इस तरह से छात्रों को कहीं भी किसी भी क्षेत्रों में पिछड़ने से बचाया जा सकता है।
  • नयी शिक्षा नीति के तहत भाषाओं को जान ने वाले शिक्षकों की भर्ती : भारत के विभिन्न क्षेत्रों में बोली जाने वाली भाषाओं का ज्ञान रखने वाले शिक्षकों की भर्ती की जाएगी ताकि अपनी भाषा में छात्र बिना किसी समस्या के पढ़ सकें।
  • किसी एक स्ट्रीम के चुनाव की बाध्यता ख़त्म : अब से स्कूल व कॉलेज में किसी भी एक स्ट्रीम को चुन ने की बाध्यता ख़त्म कर दी गयी है। छात्र अपने विषय अपनी पसंद से चुन सकेंगे। इसके लिए पाठ्यक्रम में विषयों का पूल बनाया जाएगा जिसमे छात्रों को अपने सब्जेक्ट्स का चुनाव करने में सुविधा होगी।
  • शिक्षा के साथ कौशल विकास पर भी ध्यान : नए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अब छात्रों को शिक्षा के साथ अब कौशल विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा। उन्हें शुरूआती कक्षाओं से ही संगीत, नृत्य ,योग , मूर्तिकला आदि अन्य कलाओं में भी पारंगत किया जाएगा।
  • मल्टीपल एग्जिट , मल्टीपल एंट्री की सुविधा : नई नीति के तहत अब पढाई में किसी कारणवश छात्र को ब्रेक लेना पड़ता है तो वो बाद में भी अपनी पढाई को पूरी कर सकता है। इसके लिए छात्र को फिर शुरुआत से नहीं पढ़ना होगा। साथ ही छात्र को उसके पढ़े हुए अवधि के अनुसार सर्टिफिकेट , डिप्लोमा , डिग्री आदि प्रदान किये जाएंगे।
  • अकादमिक बैंक ऑफ़ क्रेडिट : अब विद्यार्थियों से सम्बंधित जानकारियां , डाक्यूमेंट्स व अंक आदि को डिजिटल रूप में संग्रहित किया जाएगा। जिसे बाद में उनके डिग्री प्रदान करते वक्त इस्तेमाल किया सकेगा।
  • भारतीय उच्च शिक्षा आयोग पूरे उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिये एक एकल नियामक के रूप में कार्य करेगा। इसके तहत चिकित्सा एवं कानूनी शिक्षा को नहीं रखा गया है। इसके चार निकाय होंगे -राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा नियामकीय परिषद , सामान्य शिक्षा परिषद, राष्ट्रीय प्रत्यायन परिषद तथा उच्चतर शिक्षा अनुदान परिषद।
  • विकलांग बच्चों के विकास के लिए भी नयी शिक्षा नीति में बदलाव किये गए हैं।

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी से सम्बंधित प्रश्न उत्तर

नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में क्या है ?

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में पुरानी शिक्षा प्रणाली को बदलकर नया पाठ्यक्रम लाया गया है। इसके तहत पिछले 10 +2 के पाठ्यक्रम को बदलकर 5+3+3+ 4 वाला पाठ्यक्रम किया गया है। नयी नीति के अंतर्गत अब 3 से 18 साल के छात्रों को शिक्षा के अधिकार कानून 2009 के तहत रखा गया है। नए पाठ्यक्रम में बच्चों को शिक्षित करने के साथ ही उनके समग्र विकास पर ध्यान दिया गया है।नयी एजुकेशन पालिसी कब से लागू होगी ?

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी संभवतयः 2021 में लागू होगी। हालाँकि इस से सम्बंधित किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ये प्रक्रिया 2021 से अलग अलग चरणों में पूरी की जाएगी।नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 में 5 + 3 + 3 + 4 फॉर्मेट क्या हैं ?

नेशनल एजुकेशन पालिसी 2020 के चार चरण हैं।
फाउंडेशन स्टेज जो 5 वर्षों का होगा (पूर्व प्राथमिक और ग्रेड 1 व 2 )
प्रिपरेटरी स्टेज जो 3 वर्षों का होगा। ( ग्रेड 3 से 5 )
मिडिल स्टेज भी 3 वर्षों का होगा (ग्रेड 6 से 8 तक )
सेकेंडरी स्टेज 4 वर्षों का होगा ( ग्रेड 9 से 12 तक )नयी एजुकेशन पालिसी में क्या एक स्ट्रीम के विषयों को लेने की बाध्यता खत्म कर दी गयी है ?

नई एजुकेशन पालिसी में एक ही स्ट्रीम के विषयों को लेने की बाध्यता को ख़त्म कर दिया गया है। अब छात्र अपनी रूचि के हिसाब से अपने विषय चुन सकेंगे। साइंस और कॉमर्स के साथ ही आर्ट्स के विषय भी लिए हैं। इसके लिए शिक्षा नीति के अंतर्गत विभिन्न विषयों का पूल बनाया जाएगा।राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्य

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उद्देश्य छात्रों की रटने की प्रवृत्ति को ख़त्म कर उनके सर्वांगीण विकास को महत्व देना है। इस पाठ्यक्रम के माध्यम से बच्चों को प्रारंभिक सालों के दौरान ही उनमे किसी विषय को बिना दबाव के समझने और प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।नयी एजुकेशन पालिसी में बी एड ० तथा एम फिल० से सम्बंधित क्या बदलाव है ?

नयी एजुकेशन पालिसी में एम फिल० के प्रोग्राम को ख़त्म कर दिया गया है। बी एड० प्रोग्राम की अवधि अब बढ़ा दिया गया है। अब 2 साल की जगह 4 साल में पूरा किया जा सकेगा।मल्टीपल एग्जिट और एंट्री क्या है ?

मल्टीपल एग्जिट और एंट्री छात्रों को मिलने वाली सुविधा है। इस सुविधा के तहत कोई भी छात्र यदि किसी कारणवश पढाई छोड़ता है तो उसे पढाई की समयावधि के अनुसार सर्टिफिकेट , डिप्लोमा या फिर डिग्री प्रदान की जाएगी। साथ ही अगर वो आने वाले समय में अपनी पढ़ाई पूरी करना चाहे तो ऐसा कर सकता है। इसके लिए पहले साल से पढ़ने की जरुरत नहीं है।वो अपने बचे हुए कोर्स को ही पूरा कर सकता है।CategoriesCentral Government SchemeTagsNew Education Policy Hindi PDFPost navigationप्रधानमंत्री किसान संपदा योजना 2022: रजिस्ट्रेशन व लॉगिन, Kisan Sampada YojanaPM-Kisan EKYC Morpho Setting 2022: केवाईसी के लिए कंप्यूटर में ये सेटिंग हैं जरुरी, तुरंत करें बदलाव

तीन या चार साल का कर सकेंगे स्नातक, एक साल की होगी मास्टर डिग्री

Team baci.news2020, Jamshedpur 12.04.2022

केंद्र ने एनएचईक्यूएफ के तहत तैयार की योजना
विश्वविद्यालयों में पहले की तरह होती रहेगी परंपरागत कोर्सेज की पढ़ाई

विस्तार

केंद्र सरकार द्वारा बैचलर डिग्री के कुछ कोर्सेज में बदलाव किए जा रहे हैं। इसके लिए केंद्र ने योजना तैयार कर ली है। विदेशी छात्रों को भारत में आकर उच्च शिक्षा की पढ़ाई से जोड़ने के मकसद से ये प्रोग्राम तैयार किए जा रहे हैं। लेकिन ये कोर्स करने वाले सभी छात्रों पर लागू होंगे।

मोदी सरकार के दोबारा गठन के बाद एजुकेशन क्वालिटी अपग्रेडेशन एंड इन्क्लूजन प्रोग्राम के तहत इस चार वर्षीय डिग्री योजना को अगले सत्र में लागू करने के लिए तैयार किया गया है। इसे अब जल्द ही राज्यों के साथ साझा किया जाएगा।

केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने नेशनल हायर एजुकेशन क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (एनएचईक्यूएफ) के तहत चार वर्षीय प्रोग्राम का खाका तैयार किया है। इसमें कहा गया है कि अभ्यर्थियों को तीन या चार साल के डिग्री कोर्स का विकल्प मिलेगा।

किन कोर्सेज में लागू होगी योजना

मंत्रालय ने इसके लिए चार वर्षीय बैचलर ऑफ लिबरल आर्ट (बीएलए) और बैचलर ऑफ लिबरल एजुकेशन (बीएलई) प्रोग्राम तैयार किया है। इसके तहत चार साल तक स्नातक डिग्री प्रोग्राम और पांचवें साल स्नातकोत्तर डिग्री प्रोग्राम के तहत पढ़ाई होगी। 

वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, इसमें छात्रों को बहुविषयक (मल्टी डिसप्लिनरी) और कौशल विकास आधारित पाठ्यक्रम की पढ़ाई करने का मौका मिलेगा। बीएलए और बीएलई स्नातक प्रोग्राम में छात्रों को बैचलर ऑफ वोकेशनल की तर्ज पर पहले, दूसरे, तीसरे व चौथे वर्ष में जुड़ने (री-एंट्री) और बाहर जाने (एग्जिट) का प्रावधान होगा। पहले वर्ष में डिप्लोमा, दूसरा वर्ष पूरा होने पर एडवांस डिप्लोमा, तीसरे व चौथे वर्ष की पढ़ाई पूरी होने पर स्नातक डिग्री मिलेगी। 

मास्टर डिग्री एक या दो साल की ?

तीन वर्षीय अंडरग्रेजुएट डिग्री प्रोग्राम में मास्टर डिग्री दो साल की ही होगी। जबकि चार वर्षीय बैचलर ऑफ लिबरल ऑर्ट (बीएलए) और बैचलर ऑफ लिबरल एजुकेशन (बीएलई) प्रोग्राम की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए मास्टर डिग्री एक साल की रह जाएगी। इसके तहत तीसरे साल के बाद छात्रों को मास्टर डिग्री से संबंधित विषयों की पढ़ाई करवाई जाएगी। जबकि पांचवें साल रिसर्च पर फोकस रहेगा।

ये भी पढ़ें : नए कोर्सेज शुरू कर रहा है गृह मंत्रालय, इसी सत्र से ले सकेंगे दाखिला

तीन वर्षीय बीए, बीकॉम, बीएससी में बदलाव नहीं
पंरापरागत तीन वर्षीय बीए, बीएससी और बीकॉम प्रोग्राम में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में तीन वर्षीय अंडरग्रेजुएट डिग्री प्रोग्राम चलता रहेगा। जो छात्र तीन वर्षीय डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई करना चाहते हैं, वे कर सकते हैं। पंरापरागत तीन वर्षीय अंडरग्रेजुएट डिग्री प्रोग्राम में भी छात्रों को बाजार व उद्योग की मांगों के आधार पर बहुविषयक पढ़ाई,शोध समेत रोजगार से जोड़ने पर काम होगा। 

UGC की बड़ी घोषणा, अब एक साथ कर सकते हैं दो डिग्री कोर्स

Team baci.news2020 Jamshedpur

देश के करोड़ों स्टूडेंट्स के लिए यूजीसी (UGC) ने बड़ा फैसला लिया है। आयोग ने एक साथ दो डिग्री कोर्स के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। पूरी जानकारी इस खबर में दी जा रही है।

UGC Latest News: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने एक ऐसा फैसला लिया है जो देश के करोड़ों स्टूडेंट्स को राहत देने वाला है। हाल में हुई एक बैठक में यूजीसी ने एक साथ दो डिग्री के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। आयोग के इस फैसले के बाद अब स्टूडेंट्स एक ही समय पर दो डिग्री कोर्स कर सकेंगे।

UGC

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हालांकि इसके लिए कुछ नियम भी बनाए गए हैं। जिनमें से कुछ जरूरी बातों की जानकारी अभी साझा कर दी गई है।

यूजीसी सचिव रजनीश जैन ने समचार एजेंसी पीटीआई को बताया है कि ‘भारत के स्टूडेंट्स के लिए यूजीसी ने ये फैसला लिया है। अब स्टूडेंट्स एक ही समय पर अलग-अलग स्ट्रीम्स के दो अलग-अलग डिग्री कोर्स कर सकते हैं। दोनों डिग्रियां पूरी तरह मान्य होंगी।’
https://343761972f63090d2a2b9b7300da3d47.safeframe.googlesyndication.com/safeframe/1-0-38/html/container.html?n=0
क्या हैं नियम
यूजीसी सचिव ने एक समय पर दो डिग्री कोर्सेस के कुछ नियमों की भी जानकारी दी है। उन्होंने कहा है कि ये सुविधा सिर्फ कॉलेज और यूनिवर्सिटी स्तर पर पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट्स के लिए होगी।

https://d-42372284383421923932.ampproject.net/2203172113000/frame.htmlअगर आप दो डिग्री कोर्सेस की पढ़ाई एक साथ करने जा रहे हैं, तो उनमें से एक ही डिग्री रेगुलर फॉर्मेट पर होगी। दूसरे को ऑनलाइन डिस्टेंस लर्निंग मोड (ODL – Online Distance Learning) पर करना होगा। ये फैसला आपका होगा कि आप किस कोर्स की पढ़ाई किस तरह करना चाहते हैं।

https://343761972f63090d2a2b9b7300da3d47.safeframe.googlesyndication.com/safeframe/1-0-38/html/container.html?n=0इस संबंध में विस्तृत दिशानिर्देश व नियमों की जानकारी जल्द ही आधिकारिक अधिसूचना के साथ जारी की जाएगी।

बता दें कि यूजीसी के उपाध्यक्ष भूषण पटवर्धन की अध्यक्षता वाली समिति ने पिछले साल इस मुद्दे पर प्रस्ताव रखा था और सुझाव दिए थे। इसके पहले 2012 में भी ऐसी एक समिति बनाई गई थी। लेकिन तब इस योजना को मंजूरी नहीं मिली थी।

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