मिडिया ट्रायल से बकरीद पर गौरक्षा हो सकती है।

बहुत से पत्रकारों, मिडिया वालों को अनेक गौभक्त संपर्क कर सकते हैं। वैसे तो, मिडिया वाले सारी खबर रखते हैं, किंतु यह भी सत्य है कि कोई सर्वज्ञ नहीं है। अतः हो सकता है कि दिल्ली में बैठे मीडिया वालों को यह जानकारी न हो कि :-
1) बकरीद पर गौवंश की कुर्बानी करना, कुर्बानी का प्रयास करना भी गैर कानूनी है। अर्थात रखना, लाना, ले जाना, खरीदना-बेचना, बाजार लगाना भी गैर कानूनी है। जो खुले आम हो रहा है। बंगाल सरकार चिडियाखाना के पास स्वयं बाजार लगाती थी। न्यायधीश ने पूछा सरकार कैसे सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन करते हुए बकरीद पर गौ का बाजार लगा सकती है? उस आदेश के बाद वह बाजार बंद हो गया।
2) गौवंश की कुर्बानी, संविधान के किस अनुच्छेद का + प बंगाल पशु हत्या नियंत्रण आदेश 1950, एवं पशु क्रूरता निवारक अधिनियम 1960 के किस धारा का उल्लंघन है?
3) सर्वोच्च न्यायालय का आदेश दिनांक 16-11-94 न पढ़ा हो। (1995 एआईआर पृष्ठ 464) जिसके अनुसार गौ की कुर्बानी करना आवश्यक धार्मिक कृत्य नहीं, अतः गैर कानूनी है।
4) बंगाल में बड़ी संख्या में मुस्लिम बहुल इलाकों में गोवंश की गैर कानूनी कुर्बानी व कुर्बानी का प्रयास, खुले आम हो रहा है।
5) पुलिस को मूक दर्शक बने रहने या अपराधियों को कुर्बानी हेतु गोवंश लाने – ले जाने में बाधा न हो, इसका ध्यान रखने का आदेश दिया जाता है।
6) जनतंत्र का चौथा स्तंभ मीडिया, बाकी तीनों को सीधे संपर्क कर सकता है, डिबेट करा सकता है, गोधन की रक्षा करने के उन्हें कर्तव्य का बोध करा सकता है, जनता को जगा सकता है।
7) कलकत्ता में बैठे अपने संवाददाता को सक्रिय करने कह सकता है।
8) मुस्लिम बहुल इलाकों का दौरा कर, गायों की दुर्दशा का चित्र ले, भारत भर में दिखा सकता है।
9) बाबर से बहादुर शाह जफर तक के मुगल काल में गोवंश की कुर्बानी करने वाले को मृत्यु दंड देने, तोप से उड़ाने का प्रावधान था
10) अंग्रेजों ने भारत को गरीब और गुलाम बनाने के लिए, कत्लखाने खोल कर, गोधन का नाश कराया। कत्लखानों में केवल मुसलमानों को जबरदस्ती भर्ती कर, गोवध करा, हिंदू – मुसलमानों को लड़ा, बांटो और राज करो की नीति के अंतर्गत भारत पर राज किया और जाते जाते भारत के तीन टुकड़े कर उसे अपंग + कमजोर बना दिया।
11) अंग्रेजों से आजादी का प्रयास, गौ की चर्बी लगे कारतूसों को न छूने के, मंगल पांडे के निश्चय से शुरू हुआ। आजादी के लिए प्राणों का बलिदान देने वाले सभी स्वतंत्रता सेनानियों का मत था कि देश आजाद होते ही गौरक्षा हो जायेगी। किंतु अंग्रेज मानसिकता से ग्रस्त काले अंग्रेजों द्वारा शाशन होने से यह नहीं हुआ।
12) कत्लखाने, तस्करी और मांस निर्यात बंद हो जाये तो भारत सोने का शेर और अखंड बन सकता है।
13) कलकत्ता उच्च न्यायालय ने आदेश दिया था कि सरकार, न्यायालय के आदेशों का प्रिंट और विजुअल मीडिया में विज्ञापन दे। विज्ञापन पाने से मिडिया वालों को बहुत लाभ होगा।
14) इंडिया टीवी, जी टीवी, सुदर्शन टीवी जैसे कुछ देशभक्त चैनलों के सक्रिय होने से गौरक्षा हो सकती है।
15) अनेक गौभक्त अपना शोशल मीडिया चला, हजारों-लाखों लोगों से जुड़े हैं। वे उपरोक्त कदम उठा, गौरक्षा कर, गर्व महसूस कर सकते हैं।
16) मोहम्मद साहब ने कहा था कि गाय का दूध दही घी शिफा = दवा है और गोमांस बीमारी है। इसीकारण मुसलमान गोमांस से परहेज करते हैं।

निवेदन है कि कृपया सब गौभक्त प्रयास करें + सबको अग्रेषित करें, हो सकता है कि कोई मीडिया को सक्रिय कर सके – सुदर्शन, कलकत्ता : 9433023999

Leave a comment

Design a site like this with WordPress.com
Get started