हिंदू जाति और अनुसूचित जातिके बीच का अंतर

हिंदू जाति का क्या अर्थ है ?

1) जाति का अर्थ : जाति एक बड़े पैमाने पर स्थिर एवं विशेष रूप से सामाजिक वर्ग है, जिसकी सदस्यता जन्म से निर्धारित होती है और इसमें विशेष प्रथागत प्रतिबंध और विशेषाधिकार शामिल हैं।

2) हिन्दू जाति का अर्थ : हिंदू धर्म के संबंध में जाति का अर्थ है चार सामाजिक विभाजन।
I ) ब्राह्मण (पुजारी)
II ) क्षत्रिय (योद्धा)
III ) वैश्य (व्यापारी)
IV ) शूद्र (नौकर)
इन्हीं चार वर्णों में निहित जातियों को ही हिंदू जाति माना जाता हैं।

अनुसूचित जाति का क्या अर्थ है ?

1) सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने अनुच्छेद 366 के खंड (24) द्वारा दिए गए अर्थ को समझाया और इसका अर्थ है ……
” ऐसी जातियों, नस्लों या जनजातियों या ऐसी जातियों, नस्लों या जनजातियों के समूहों या समूहों के रूप में जिन्हें संविधान के प्रयोजनों के लिए अनुच्छेद 341 के तहत अनुसूचित जाति माना गया है। “

2) अनुच्छेद 341 के तहत, अनुसूचित जाति के व्यक्ति के लिए संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश, 1950 में निहित जातियों की सूची में से किसी एक से संबंधित होना आवश्यक है, लेकिन खंड (3) के आधार पर, यह आवश्यक नहीं है कि वह हिंदू, सिख या बौद्ध हो।

3) अनुसूचित जातियों के धर्म परिवर्तन के संबंध में मुख्य बिंदु ……
क) अनुसूचित जाति का व्यक्ति अन्य धर्म में परिवर्तित होकर भी अपनी अनुसूचित जाति का दर्जा बरकरार रखता है।

ख) अनुसूचित जाति का व्यक्ति अपने पुराने धर्म को त्याग कर नये धर्म में परिवर्तित हो जाता है, फिर भी उस व्यक्ति के जाति का कोई नुकसान नहीं होता है।

ग) अनुसूचित जाति का व्यक्ति किसी भी धर्म को मानता है, अपनी जाति को साथ लेकर चलता है।

घ) किसी दूसरे धर्म को अपनाने के बाद व्यक्ति को अपना नाम बदलना जरूरी नहीं है।

च) लेकिन किसी दूसरे धर्म को अपनाने के बाद अनुसूचित जाति के व्यक्ति को यह साबित करना होगा कि वह अनुसूचित जाति समुदाय से संबंधित है।

छ) यह स्थापित कानून है कि एक व्यक्ति अपना धर्म और आस्था बदल सकता है, लेकिन उस जाति को नहीं जिससे वह संबंधित है, क्योंकि जाति का जन्म से संबंध है।

इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि, अनुसूचित जातियों को किसी भी रूप में किसी भी धर्म से जोड़कर देखना मुर्खता हैं। अनुसूचित जाति केवल एक संवैधानिक वर्ग है और इसे केवल एक वर्ग के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

संदर्भ :- भारत का सर्वोच्च न्यायालय दीवानी अपील सं. 4870 – 2015.
मो. सादिक बनाम दरबार सिंह गुरु.

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धन्यवाद!

अच्युत भोईटे, (बी कॉम एम बी ए)
संस्थापक तथा राष्ट्रीय संयोजक,
दि बुध्दिस्ट शेड्यूल कास्ट मिशन ऑफ इंडिया
मो. 9870580728.

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