गर्भ संस्कार

*भारतीय संस्कृति में मनुष्य के 16 संस्कारों का वर्णन किया गया है , इसमे गर्भ संस्कार भी एक संस्कार है !* *गर्भसंस्कार से तात्पर्य गर्भ में मौजूद भ्रूण पर सात्विक विचारो का प्रभाव डालना अर्थात भ्रूण को गर्भ में ही शिक्षित करना यानि अजन्मे शिशु की बुद्धि को शिक्षित करना !* *भारतीय परम्परा सदैव से मानती आई है कि गर्भ में पल रहे शिशु पर मां के व्यवहार , उसके आचरण , उसकी वाणी , बुद्धि का गूढ़ प्रभाव रहता है !* *कई कथाएं भी जो गर्भ में ही शिक्षा ग्रहण करने की बात को पुख्ता करती है जैसे अभिमन्यु प्रह्लाद आदि की कहानियों से स्पष्ट है उन्हें माँ के गर्भ में ही शिक्षा मिल गई थी !* *गर्भ संस्कार में बच्चे के जन्म से एक वर्ष पहले ही तैयारी शुरू की जाती है और उसके दो वर्ष तक के होने तक के लालन पालन में एक वैदिक विधि का पालन किया जाता है !* *मान्यता है कि गर्भसंस्कार से देवतुल्य संतान पैदा की जा सकती है , ये आज के नही पूर्वजो के कहै हुए कथन है !* *अगर आप भी संतान प्राप्ति की दिशा में है या भविष्य में इसके बारे में सोच रहे है तो हम जल्द ही गर्भसंस्कार पर एक आयोजन कर रहे है जिसको ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आयोजित किया जाएगा , इसके लिए आज ही अपना स्लॉट बुक करने के लिए सम्पर्क करें !* *हम आपको अच्छी तरह इसके बारे में बताएंगे , कार्यक्रम बिल्कुल निःशुल्क रहेगा लेकिन सीट की संख्या सीमित रहेगी , हमारे wtsapp नम्बर पर मेसेज करके अपनी सीट कार्यक्रम के लिए सुरक्षित कर लेवे !*

📞 99282 97065
📞 79760 73168
( व्हाट्सएप्प नम्बर )

नॉट – सीट बिना किसी भेदभाव के पहले आओ , पहले पाओ के आधार पर आवंटित की जाएगी !

सौजन्य से —
राजकुमार जैन
श्रीधेनु आयुर्वेद फार्मा , हनुमानगढ़ ( राज.) !

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